सीतापुर में दिखी 'आस्था और कर्तव्य' की मिसाल, एसडीएम हाथ जोड़े खड़ी रहीं, बुलडोजर चालक मंदिर शिफ्ट करने से किया इनकार

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सीतापुर में दिखी 'आस्था और कर्तव्य' की मिसाल, एसडीएम हाथ जोड़े खड़ी रहीं, बुलडोजर चालक मंदिर शिफ्ट करने से किया इनकार


सीतापुर, 29 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में रविवार को सड़क चौड़ीकरण अभियान के दौरान एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने प्रशासनिक कार्रवाई के बीच आस्था की मजबूत मिसाल को भी उजागर किया।

दरअसल शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित कैप्टन मनोज पांडेय चौराहा के पास

करीब 25 साल पुराने दुर्गा मंदिर को हटाने की कार्रवाई की गई। यह मंदिर सड़क चौड़ीकरण परियोजना की जद में आ रहा था, जिसके लिए पहले ही प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किया जा चुका था। रविवार दोपहर एडीएम, एसडीएम दामिनी एस. दास और नायब तहसीलदार महेंद्र तिवारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कार्रवाई के दौरान उस समय भावनात्मक पल सामने देखने को मिला, जब बुलडोजर चालक ने मंदिर तोड़ने से साफ इनकार कर दिया। उसने आस्था का हवाला देते हुए इस काम को करने से मना कर दिया।

इसके बाद प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था की, लेकिन इसी दौरान नायब तहसीलदार ने खुद छेनी-हथौड़ी उठाकर विधि-विधान से मूर्ति को जमीन से अलग किया। पास ही खड़ी एसडीएम दामिनी एस. दास हाथ जोड़कर पूरी प्रक्रिया के दौरान श्रद्धा व्यक्त करती नजर आईं।

मूर्ति को सम्मानपूर्वक पास के शक्ति मंदिर में सुरक्षित स्थानांतरित कर दिया गया। बाद में प्राइवेट बुलडोजर चालक को बुलाकर मंदिर के ढांचे को हटाया गया, जो कुछ ही मिनटों में हटाकर पूरा कर लिया गया।

इस पूरी कार्रवाई के दौरान किसी तरह का विवाद नहीं हुआ, हालांकि कुछ स्थानीय लोगों ने नाराजगी जरूर जताई। किसी भी संभावित विरोध को देखते हुए मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा, जिससे माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण बना रहा।

उपजिलाधिकारी का कहना है कि स्थानीय लोगों और पुजारी की सहमति के बाद ही मंदिर को हटाया गया है और जल्द ही मूर्ति को नई जगह स्थापित किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / Mahesh Sharma

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