शिमला मिर्च लगाकर किसान ने कमाए 10 लाख

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शिमला मिर्च लगाकर किसान ने कमाए 10 लाख


बागपत, 20 फ़रवरी (हि.स.)। बागपत जनपद के पाबला बेगमाबाद गांव के किसान जितिन कुमार ने आधुनिक खेती अपनाकर किसानों की आय बढ़ाने का मार्ग खोल दिया है। उन्होंने अपने पॉलीहाउस में लाल और पीली शिमला मिर्च की खेती की है, जिससे उन्हें बेहतर उत्पादन और अच्छा बाजार भाव मिल रहा है। किसान का कहना है कि एक एकड़ में उन्होंने 10 लाख की इनकम की है। 15 लोगों को रोजगार दिया है।

किसान जितिन कुमार ने बताया कि पॉलीहाउस में खेती करने से फसल को कीटों और मौसम की मार से काफी हद तक बचाया जा सकता है। इसके साथ ही बेमौसम में भी फसल तैयार की जा सकती है, जिससे बाजार में बेहतर कीमत मिलती है। वर्तमान में लाल और पीली शिमला मिर्च का भाव अच्छा चल रहा है और उनकी फसल दिल्ली की आजादपुर मंडी में भेजी जा रही है, जहां करीब 100 रुपये प्रति किलो तक कीमत मिल रही है।

उन्होंने अन्य किसानों को सलाह दी कि जो किसान इस तरह की खेती शुरू करना चाहते हैं, वे शुरुआत में कम मात्रा में फसल लगाएं, लेकिन लगातार करें, ताकि नियमित अंतराल पर मंडी में माल पहुंचता रहे और बाजार में लगातार सप्लाई बनी रहे।

उत्पादन के बारे में जानकारी देते हुए जितिन कुमार ने बताया कि एक एकड़ में करीब 10 से 12 हजार पौधे लगाए जाते हैं। लाल और पीली शिमला मिर्च का एक पौधा औसतन लगभग दो किलो तक उत्पादन देता है। यह फसल करीब आठ से नौ महीने तक चलती है, जिससे किसानों को लंबे समय तक आय प्राप्त होती रहती है।

जतिन ने बताया कि आधुनिक तकनीक और पॉलीहाउस खेती अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उनके द्वारा प्रति पौधे से औसतन 2 किलों की उपज ली है। 100 रुपये / किलो मंडी भाव लेकर करीब 10 लाख की इनकम मिली। पॉलीहाउस में फसल की गुणवत्ता अच्छी होती है जिससे मार्किट में अच्छा भाव मिलता है।

जतिन बताते हैं कि उनके द्वारा उगाई जाने वाली फसल को सप्लायर द्वारा उठाया जाता है। कुछ सब्जी मॉल और आउटलेट पर जाती है कुछ दिल्ली के मंडियों में भेजी जाती है। जतिन बताते है कि कृषि कार्यो में लेवर महत्वपूर्ण है जिसके किये नियमित आय का होना जरूरी है। किसान एक फसल पर निर्भर न रहें। अन्य मौसमी फसलें भी पैदा करें। उनके द्वारा शिमला मिर्च के साथ साथ ब्रोकली, टमाटर, गाजर, चुकंदर की फसलें भी तैयार की जा रही हैं। इनसे लेबर को काम भी मिल जाता है और उनका खर्च भी निकल जाता है।

जिला उद्यान अधिकारी निधि सिंह किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाने की सलाह दी है, जिससे खेती को लाभदायक बनाया जा सके। पॉलीहाउस के लिए अनुदान दिया जा रहा है। किसान जिला कार्यालय बागपत आकर पूर्ण जानकारी ले सकते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन त्यागी

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