राम नगरी से लेकर संगमनगरी तक धूमधाम से मना विजयादशमी पर्व, मुख्यमंत्री योगी ने गोरखपुर में दिया सनातन एकता का संदेश
लखनऊ, 20 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में उत्साह और उल्लास के साथ विजयादशमी का पर्व मनाया जा रहा है। जगह-जगह शोभायात्राएं निकाली गयीं और रावण के पुतले का दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए।
अपने संबाेधन में उन्हाेंने कहा कि एकता से ही राष्ट्र की रक्षा संभव है, क्याेंकि विदेशी ताकतें देश और समाज ताेड़ने की साजिश रच रही हैं। उन्हाेंने मुगलाें के आक्रमण से लेकर भारतीय संस्कृति पर हाे रहे प्रहाराें का विस्तार से उल्लेख किया और कहा कि समाज काे ऐसे तत्वाें से सावधान रहना है। प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों-अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज और चित्रकूट में दशहरा (विजयादशमी) का पर्व बेहद भव्य रूप से मनाया जा रहा है, जहाँ अधर्म पर धर्म की जीत के प्रतीक के रूप में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन किया गया और पुतला दहन का यह सिलसिला देर रात तक जारी रहने वाला है।
प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विभिन्न क्षेत्रों में दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया। जगह-जगह राम लीला का मंचन करने के साथ ही रावण के पुतले का दहन किया गया। ऐशबाग, चौक और गोमतीनगर में रावण के पुतला दहन देखने के लिए बडी संख्या में लोग पहुंचे। कानपुर में शिवाला स्थित दशानन मंदिर में सुबह रावण की पूजा-अर्चना की गई। लोगों ने दशानन के जयकारे लगाए। यहां दशहरे पर रावण की पूजा की जाती है।
रामनगरी अयाेध्या में इस बार का दशहरा बेहद खास रहा। प्रसिद्ध रामलीलाओं के साथ ही प्रभु श्री राम के स्वरूप ने तीर चलाकर रावण के विशाल पुतले का दहन किया। काशी में परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम दिखा। यहाँ की प्रसिद्ध रामनगर की विश्वप्रसिद्ध रामलीला और अन्य प्रमुख मैदानों बरेका और सिगरा में लाखों की भीड़ के बीच रावण दहन हुआ। घाटों पर भी विशेष रौनक रही। इसी प्रकार संगम नगरी प्रयागराज में विभिन्न कटरा और पथरचट्टी रामलीला कमेटियों के तत्वावधान में भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं। इसके बाद ऊंचे पुतलों का दहन कर आतिशबाजी का शानदार प्रदर्शन किया गया।
भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट में भी दशहरे की धूम रही। यहाँ मंदाकिनी नदी के तटों और प्रमुख खेल मैदानों में राम-रावण युद्ध के जीवंत मंचन के बाद रावण दहन किया गया। पूरे प्रदेश में इस अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रही और लोगों ने आतिशबाजी व जय श्रीराम के उद्घोष के साथ त्योहार का आनंद लिया। रावण के पुतला दहन अलग-अलग समय पर हाे रहा है और इसलिए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह

