राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय का किया दौरा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता  और स्पेस टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ें विद्यार्थी

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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय का किया दौरा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता  और स्पेस टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ें विद्यार्थी


शाहजहांपुर, 3 नवंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को शाहजहांपुर स्थित स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय का दौरा कर शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने विद्यार्थियों की कक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति अनिवार्य करने, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और विश्वविद्यालय को आत्मनिर्भर एवं आदर्श संस्थान के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया।

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का संचालन स्पष्ट कार्ययोजना और पूर्ण पारदर्शिता के साथ किया जाए। परीक्षाओं में विद्यार्थियों के प्रदर्शन की जानकारी उन्हें दी जाए तथा पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष मार्गदर्शन की व्यवस्था की जाए।

विश्वविद्यालय पहुंचने पर कुलपति प्रो. पुष्पेंद्र बहादुर सिंह सहित अधिकारियों ने राज्यपाल का स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने परिसर स्थित ब्रह्मलीन स्वामी शुकदेवानंद जी के मंदिर में पूजा-अर्चना की। समीक्षा बैठक में उन्होंने विश्वविद्यालय के विकास, शिक्षकों की उपलब्धता, आधारभूत सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

दुर्लभ पांडुलिपियां देखीं, डिजिटल लाइब्रेरी बनाने पर जोर

परिसर भ्रमण के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में संरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों का अवलोकन किया। उन्होंने इनके संरक्षण के साथ पुस्तकों को ऑनलाइन उपलब्ध कराने, ई-बुक्स, ई-जर्नल्स और कंप्यूटर सुविधाओं को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने नवनिर्मित वाचनालय एवं अतिगोपनीय कक्ष का लोकार्पण भी किया।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) और अंतरिक्ष तकनीक में शोध करने का आह्वान

विज्ञान प्रयोगशालाओं में विद्यार्थियों से संवाद के दौरान राज्यपाल ने उन्हें आधुनिक तकनीक के साथ कदम मिलाकर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में दक्षता हासिल करने का आह्वान करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को अंतरिक्ष की ऊंचाइयों और समुद्र की गहराइयों तक पहुंचकर शोध करना चाहिए। उन्होंने प्रयोगशालाओं को वास्तविक परीक्षण और अनुसंधान के योग्य बनाने पर भी जोर दिया।

नशामुक्त भारत के लिए विद्यार्थियों से भी आगे आने की अपील

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसका उपयोग व्यावहारिक जीवन में भी होना चाहिए। उन्होंने नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इसमें शिक्षकों के साथ विद्यार्थियों की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली और स्वावलंबन को समय की बड़ी जरूरत बताया।

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय को नैक मूल्यांकन की तैयारी अभी से शुरू करने और विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख शिक्षा देने के निर्देश दिए। छात्राओं की अपेक्षाकृत अधिक उपस्थिति की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि छात्राएं आज परिश्रम के बल पर आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने सभी से उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने की भावना के साथ काम करने का आह्वान किया।

तीन पुस्तकों का विमोचन, परिसर में किया पौधारोपण

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने तीन पुस्तकों का विमोचन किया। इनमें कुलपति प्रो. पुष्पेंद्र बहादुर सिंह एवं डॉ. प्रवेंद्र दीक्षित की 'मार्केटिंग रिसर्च', डॉ. जेएस ओझा की 'हिंदू लॉ' तथा डॉ. जेएस ओझा, डॉ. अनिल कुमार एवं डॉ. प्रदीप कुमार सिंह की 'न्यू क्रिमिनल लॉ रेजीम एंड ह्यूमन राइट्स इन इंडिया' शामिल हैं।

इसके अलावा 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण किया। अपर मुख्य सचिव सुधीर एम. बोबडे ने भी विद्यार्थियों को डिजिटलाइजेशन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित, मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी सहित जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे। अंत में राज्यपाल ने पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती से औपचारिक मुलाकात की।

हिन्दुस्थान समाचार / अमित कुमार शर्मा

Livevns.news Desk
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