बुनकरों एवं शिल्पकारों की प्रदर्शनी का राज्यपाल ने किया अवलोकन

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बुनकरों एवं शिल्पकारों की प्रदर्शनी का राज्यपाल ने किया अवलोकन


लखनऊ, 07 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शुक्रवार को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर नाबार्ड के सहयोग से जन भवन में लगाई गयी बुनकरों एवं शिल्पकारों की प्रदर्शनी का अवलोकन कर उनका उत्साहवर्धन किया। राज्यपाल ने पारंपरिक शिल्पकला की सराहना करते हुए प्रदर्शनी के प्रतिभागियों से संवाद कर उनके उत्पादों की बिक्री, विपणन व्यवस्था तथा आजीविका से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी भी प्राप्त की।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि बुनकरों एवं शिल्पकारों की आजीविका सुदृढ़ करने तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए क्राफ्ट्स रूट्स संस्था निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि हस्तशिल्प विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिससे बुनकरों एवं शिल्पकारों के साथ-साथ उनके बच्चों को भी शिक्षा एवं कौशल विकास का लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि राज्य विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों में 17 हस्तशिल्पियों को डी.लिट. की मानद उपाधि प्रदान की गई है। इससे स्थानीय शिल्प को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ बुनकरों एवं शिल्पकारों को व्यापक पहचान भी प्राप्त हुई है।

राज्यपाल ने प्रदर्शनी में प्रतिभागियों से आह्वान करते हुए कहा कि वे जन भवन में प्रत्येक वर्ष फरवरी के प्रथम सप्ताह में आयोजित होने वाली पुष्प प्रदर्शनी में भी अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाएँ, जिससे उनके उत्पाद अधिकाधिक लोगों तक पहुँच सकें तथा विपणन के नए अवसर प्राप्त हों।

इस अवसर पर क्राफ्ट्स रूट्स संस्था की संस्थापक अनारबेन पटेल ने बताया कि विदेशों से भी विद्यार्थी संस्था में इंटर्नशिप के लिए आते हैं तथा भारतीय पारंपरिक शिल्प एवं हस्तकला का अध्ययन करते हैं। उन्होंने बुनकरों एवं शिल्पकारों का आह्वान किया कि वे क्राफ्ट्स रूट्स द्वारा देशभर में आयोजित प्रदर्शनियों में सहभागिता कर अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाएँ, जिससे उन्हें व्यापक बाज़ार उपलब्ध हो सके।

इस अवसर पर नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक पंकज कुमार, महाप्रबंधक डॉ. नंदिनी घोष, उप महाप्रबंधक राजेश कुमार सिंह, संस्था के अन्य पदाधिकारी तथा हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग से जुड़े बुनकर एवं शिल्पकार उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

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