बाराबंकी में 'निपुण संकल्प कार्यशाला' आयोजित
बाराबंकी, 07 जुलाई (हि.स.)।बाराबंकी। निपुण भारत मिशन को जमीनी स्तर पर मजबूती देने के लिए मंगलवार को लखनऊ पब्लिक स्कूल एंड कॉलेज, असेनी में एक दिवसीय 'निपुण संकल्प कार्यशाला' का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बाराबंकी एवं अयोध्या जनपद के खंड शिक्षा अधिकारी, डायट मेंटर्स, एसआरजी तथा एआरपी ने हिस्सा लिया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए डीएम ईशान प्रताप सिंह ने कहा कि निपुण भारत मिशन का मूल उद्देश्य हर बच्चे को बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) में दक्ष बनाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह लक्ष्य तभी हासिल होगा जब शिक्षक नवाचारी, बाल-केंद्रित एवं परिणामोन्मुखी शिक्षण पद्धतियों को अपनाकर प्रत्येक बच्चे के अधिगम पर विशेष ध्यान देंगे।
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एफएलएन के लक्ष्यों को तय समय-सीमा में प्राप्त करना सभी अधिकारियों एवं शिक्षकों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की सक्रिय भूमिका, स्कूलों में सकारात्मक शैक्षिक माहौल, सतत अनुश्रवण तथा नियमित मूल्यांकन ही मिशन की सफलता की कुंजी है।
जिलाधिकारी ने शिक्षा अधिकारियों को विद्यालयों का नियमित शैक्षणिक पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही नवाचारों के जरिए शिक्षण की गुणवत्ता में लगातार सुधार लाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सिर्फ कागजी खानापूर्ति नहीं, जमीन पर बच्चों के सीखने के स्तर में बदलाव दिखना चाहिए।
कार्यशाला में निपुण भारत मिशन के विजन, उद्देश्यों एवं कार्यनीतियों पर विस्तार से मंथन हुआ। विशेषज्ञों ने एफएलएन लक्ष्य प्राप्ति, प्रभावी कक्षा-शिक्षण, अधिगम परिणामों में सुधार तथा स्कूलों में सीखने का प्रेरक माहौल बनाने के तरीकों पर प्रेजेंटेशन दिया। प्रतिभागियों को स्कूल स्तर पर मिशन के क्रियान्वयन के लिए व्यावहारिक रणनीति और कार्ययोजना भी समझाई गई।
कार्यशाला का संचालन जिला समन्वयक (निपुण) अमित कुमार श्रीवास्तव, जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) विनीता मिश्रा तथा मिशन के विशेषज्ञ शिवेश एवं पल्लवी ने किया। इस दौरान डायट प्राचार्य अमित कुमार यादव, बीएसए नवीन कुमार पाठक समेत दोनों जिलों के शिक्षा विभाग के अधिकारी, डायट मेंटर्स, एसआरजी, एआरपी व शैक्षिक संसाधन समूह के सदस्य उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज कुमार चतुवेर्दी

