प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता: डॉ. अरुण सक्सेना

WhatsApp Channel Join Now
प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता: डॉ. अरुण सक्सेना


लखनऊ, 22 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने सोमवार को गौतमपल्ली स्थित मंत्री आवास पर पर्यावरणविद सुंदरम तिवारी द्वारा रचित पुस्तक देवकुंड का विमोचन किया। इस अवसर पर राज्य सूचना आयुक्त पी.एन. द्विवेदी, क्षेत्र के मुख्य मार्ग सम्पर्क प्रमुख राजेन्द्र सक्सेना और पर्यावरण गतिविधि के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय कुमार उपस्थित रहे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। 'देवकुंड' जैसी पुस्तकें समाज को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय धरोहर के संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश देती हैं।

राज्य सूचना आयुक्त पी.एन. द्विवेदी ने कहा कि ऐसी पुस्तकों का प्रकाशन समाज में पर्यावरण चेतना को नई दिशा प्रदान करता है तथा भावी पीढ़ियों को प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करता है।

पर्यावरण गतिविधि के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय ने कहा कि 'देवकुंड' केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरण का प्रभावी माध्यम है।

क्षेत्र के मुख्य मार्ग सम्पर्क प्रमुख राजेन्द्र सक्सेना ने कहा कि आज पर्यावरण का संकट है। जल व जमीन प्रदूषित हो रही है। वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। इसके लिए सबको मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पेड़ लगायें और पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें।

कार्यक्रम के अंत में सहायक आयुक्त राज्य कर श्याम सुंदर पाठक ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम का संचालन शुभम त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर कुंवर देवेश देव सिंह, डॉ. मंजुला उपाध्याय, डॉ. रमेश त्रिपाठी, दुर्गेश त्रिपाठी, विशाल शुक्ला, शिवम पाण्डेय, राजेन्द्र सक्सेना सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

Share this story