नहर पटरी कटने से सैकड़ों बीघा धान की फसल जलमग्न, किसानाें ने मुआवजा मांगा

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नहर पटरी कटने से सैकड़ों बीघा धान की फसल जलमग्न, किसानाें ने मुआवजा मांगा


अमेठी, 04 जुलाई (हि.स.)। जिले के तिलोई तहसील क्षेत्र के ग्राम जगदीशपुर मजरे गड़हेरी स्थित गजरी हार के पास शुक्रवार की बीती रात जगदीशपुर माइनर की पटरी कट जाने से सैकड़ों बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई। अचानक खेतों में पानी भरने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, पूरे लालशाह और पूरे धूतशाह गांव में भी पानी भर जाने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने घटना की सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी, जिसके बाद माइनर का फाटक बंद करा दिया गया। हालांकि समाचार लिखे जाने तक कटी हुई पटरी की मरम्मत शुरू नहीं हो सकी थी।

ग्रामीणों के अनुसार, कुछ किसानों ने धान की रोपाई के लिए रात में माइनर की पटरी का हिस्सा काटकर अपने खेतों में पानी मोड़ दिया था। नहर में पानी का दबाव अधिक होने के कारण कटाव बढ़ता गया और पूरी पटरी टूट गई, जिससे आसपास के खेतों में पानी फैल गया। किसानों ने शनिवार को बताया कि पानी निकासी के लिए क्षेत्र में केवल एक नाला (ड्रेन) है, जिसे कुछ लोगों द्वारा पाट दिए जाने के कारण जलभराव की स्थिति और गंभीर हो गई। पानी निकलने का रास्ता बंद होने से धान की फसल पूरी तरह डूब गई। जगदीश तिवारी, उमेश तिवारी, बलकरन तिवारी, वासुदेव, लालता, राम अभिलाख, हरिश्चंद्र, मथुरा सहित कई किसानों की सैकड़ों बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई। वहीं के.के. आर्य का मछली पालन तालाब भी पानी में डूब गया, जिससे उन्हें भी भारी आर्थिक नुकसान हुआ। किसानों ने सिंचाई विभाग से तत्काल माइनर की पटरी की मरम्मत कराने, जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा फसल नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / लोकेश त्रिपाठी

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