त्योहारों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें, अपराधियों पर कसें शिकंजा : रघुबीर लाल

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त्योहारों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें, अपराधियों पर कसें शिकंजा : रघुबीर लाल


कानपुर, 30 अक्टूबर (हि.स.)। दीपावली, धनतेरस, गोवर्धन पूजा और छठ पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही पटाखों के अवैध भंडारण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। सक्रिय अपराधियों की गिरफ्तारी, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण और साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए। यह निर्देश शुक्रवार को पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी के दौरान अधिकारियों को दिए।

पुलिस कार्यालय के सभागार में आयोजित बैठक में पुलिस आयुक्त ने अपराध नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और पुलिसिंग से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने आगामी त्योहारों के साथ विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भी अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। बैठक में अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था डॉ. विपिन ताडा, अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय एवं अपराध संकल्प शर्मा, पुलिस उपायुक्त, अपर पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त और थाना प्रभारी शामिल हुए।

पटाखों की अवैध बिक्री पर होगी कार्रवाई

पुलिस आयुक्त ने दीपावली के मद्देनजर पटाखों के अवैध भंडारण और बिक्री के खिलाफ अभियान चलाने को कहा। रिहायशी इलाकों में पटाखों की दुकानें संचालित न होने देने और सुरक्षा मानकों का पालन कराने के निर्देश दिए। अग्निशमन विभाग को सतर्क रहने, आग बुझाने के उपकरण उपलब्ध रखने और लोगों को आग से बचाव के प्रति जागरूक करने को कहा गया। अस्थायी बाजारों में दुकानों को व्यवस्थित ढंग से लगवाने और भीड़भाड़ वाले रास्तों पर यातायात सुचारू रखने के निर्देश भी दिए गए।

सर्राफा बाजारों, वाहन शोरूम, पेट्रोल पंप और अन्य संवेदनशील व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

व्यापारियों और कर्मचारियों का विवरण जुटाने के साथ सुरक्षा गार्डों की उपलब्धता, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था जांचने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने और संदिग्ध व्यक्तियों तथा वाहनों की चेकिंग करने को कहा गया। रात में गश्त के दौरान पुलिसकर्मियों को रेट्रो-रिफ्लेक्टिव जैकेट पहनने के निर्देश दिए गए।

वांछित और इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी पर जोर

अपराध समीक्षा के दौरान पुलिस आयुक्त ने जेल से छूटे अपराधियों, लूट, चेन स्नैचिंग, चोरी और नकबजनी में सक्रिय अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने को कहा। आदतन अपराधियों को चिह्नित कर नियमानुसार जिला बदर की कार्रवाई करने और वांछित तथा इनामी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित करने के निर्देश दिए। थाना कोतवाली, कल्याणपुर, रावतपुर और नजीराबाद के इनामी अभियुक्तों की गिरफ्तारी में तेजी लाने को कहा गया। इसके अलावा हरवंशमोहाल, जाजमऊ, चौबेपुर, बिठूर और गोविंद नगर समेत अन्य थानों के वांछित अभियुक्तों को पकड़ने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए रावतपुर में हत्या के अनावरण के लिए शेष मामले को जल्द सुलझाने और गोविंद नगर, कल्याणपुर, महाराजपुर, चकेरी तथा जाजमऊ में लंबित विवेचनाओं का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने को कहा गया। निरोधात्मक कार्रवाई में कमी मिलने पर कोतवाली, चकेरी, किदवई नगर, फीलखाना, जाजमऊ, रेलबाजार, रेउना, नवाबगंज, अनवरगंज, बेकनगंज, काकादेव और चमनगंज समेत संबंधित थानों को कार्रवाई बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

साइबर अपराध और जनशिकायतों पर भी सख्ती

पुलिस आयुक्त ने साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए यक्ष ऐप, ई-साक्ष्य और प्रतिबिंब पोर्टल का अधिकाधिक इस्तेमाल करने को कहा। साइबर अपराध में इस्तेमाल हो रहे मोबाइल नंबरों, आईएमईआई और संदिग्ध खातों की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक खबरों की निगरानी करने और सही तथ्यों के साथ तत्काल जवाब देने पर भी जोर दिया गया। फर्जी खबर फैलाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।

इसके साथ ही जनशिकायतों, आईजीआरएस, ई-समन और पुलिसिंग ऐप से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई। सितंबर की आईजीआरएस रैंकिंग में शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि और उनसे संपर्क के स्तर को देखते हुए संबंधित थाना प्रभारियों को सुधार करने के निर्देश दिए गए। ग्राम चौकीदारों से नियमित संवाद बनाए रखने, संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाने और संभावित विवादों को रोकने के लिए समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई करने को कहा गया। स्कूल वाहनों की नियमित जांच, चालकों और परिचालकों के सत्यापन तथा परिवहन नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित विभाग से समन्वय करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में लंबित जनशिकायतों, मानवाधिकार संबंधी मामलों और विभागीय जांचों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को नियमित अर्दली रूम आयोजित करने, विवेचना रजिस्टर और केस डायरी की जांच करने तथा अधीनस्थ कर्मचारियों के कामकाज की निगरानी कर जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

Livevns.news Desk
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