डीडीयू की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि: डॉ. अम्बरीश कुमार श्रीवास्तव करेंगे हाइड्रोजन स्टोरेज पर आधारित विशेष अंक का संपादन

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डीडीयू की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि: डॉ. अम्बरीश कुमार श्रीवास्तव करेंगे हाइड्रोजन स्टोरेज पर आधारित विशेष अंक का संपादन


गोरखपुर, 22 मार्च (हि.स.)। गोरखपुर के दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय (डीडीयू) के भौतिकी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. अम्बरीश कुमार श्रीवास्तव के मुख्य संपादन में हाइड्रोजन ऊर्जा के भविष्य को समर्पित एक महत्वपूर्ण शोध संग्रह Harnessing Superatomic Clusters for Enhanced Hydrogen Storage Solutions का प्रकाशन होना है। स्विट्जरलैंड के 'फ्रंटियर्स इन केमिस्ट्री' और 'फ्रंटियर्स इन फिजिक्स' जैसे विश्व-प्रसिद्ध जर्नल्स में प्रकाशित यह 'रिसर्च टॉपिक' अत्याधुनिक नैनो-मटेरियल्स और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान करेगा।

इस वैश्विक शोध परियोजना का नेतृत्व डॉ. अम्बरीश कुमार श्रीवास्तव ने निम्नलिखित अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के सहयोग से किया है। उनके साथ इसमें प्रो. गेन्नेडी एल. गुत्सेव (सह संपादक): भौतिकी विभाग, फ्लोरिडा एग्रीकल्चर एवं मैकेनिकल यूनिवर्सिटी, संयुक्त राज्य अमेरिका, प्रो. वेई-मिंग सुन (सह संपादक): रसायन विज्ञान और सामग्री विज्ञान संकल, फ़ुज़ियान नॉर्मल यूनिवर्सिटी, फ़ूज़ौ चीन, प्रो. प्रतीम कुमार चट्टराज (सह संपादक): रसायन विज्ञान विभाग, बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान मेसरा, भारत, डॉ. फिलिप वेल्कोविच (सह संपादक): विनचा इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर साइंसेज, बेलग्रेड विश्वविद्यालय सर्बिया शामिल है।

इस विशेष शोध संग्रह की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि भौतिकी विभाग, डीडीयू से संचालित इस अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य 'सुपरएटम्स' की अद्भुत क्षमताओं को दुनिया के सामने लाना है। हमारे इस अंतरराष्ट्रीय संपादक मंडल ने मिलकर यह सुनिश्चित किया है कि दुनिया भर के सर्वश्रेष्ठ शोध लेख इस संग्रह का हिस्सा बनें, जो हाइड्रोजन को सुरक्षित और उच्च घनत्व में संग्रहित करने का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने विश्वविद्यालय की इस वैश्विक उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भौतिकी विभाग के डॉ. अम्बरीश कुमार श्रीवास्तव और उनकी अंतरराष्ट्रीय टीम द्वारा इस शोध विषय का संपादन करना हमारे विश्वविद्यालय के लिए गौरव की बात है। अमेरिका, चीन और सर्बिया जैसे देशों के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर डीडीयू के वैज्ञानिक का यह नेतृत्व वैश्विक समस्याओं के समाधान में हमारी बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।

शोध विषय की मुख्य विशेषताएं

वैश्विक पहुंच: इस संपादन कार्य में दुनिया भर के प्रतिष्ठित संस्थानों के वैज्ञानिक अपने शोध पत्र साझा करेंगे।

भविष्य का ईंधन: सुपरएटॉमिक क्लस्टर्स (जैसे बोरॉन आधारित तंत्र) हाइड्रोजन को ठोस अवस्था में स्टोर करने का सबसे सुरक्षित और प्रभावी विकल्प प्रदान करेगा।

उन्नत तकनीक: यह संग्रह 'कंप्यूटेशनल फिजिक्स' और 'क्वांटम केमिस्ट्री' के माध्यम से नए पदार्थों की खोज पर आधारित होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

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