जनगणना के लिए उत्तर प्रदेश में 07 मई से शुरू होगा स्व-गणना पोर्टल
--जनगणना 2027 के पहले चरण की तैयारी 10 अप्रैल तक पूरी करें : मुख्य सचिव
लखनऊ, 08 अप्रैल (हि.स.)। जनगणना के लिए प्रदेश में आम जनता के लिए स्व-गणना का प्रावधान किया गया है। उत्तर प्रदेश में स्व-गणना पोर्टल 7 मई से 21 मई तक उपलब्ध रहेगा। जिस पर कोई भी नागरिक अपने परिवार की जानकारी स्वयं भर सकेगा। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी.गोयल ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित रहे तथा उन्होंने कार्यान्वयन के संदर्भ में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने समीक्षा बैठक में कहा कि सभी नागरिकों के लिए समावेशी व्यवस्था एवं आवश्यक सहायता सुनिश्चित करते हुए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाकर स्व-गणना को प्रोत्साहित किया जाए। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि घनी शहरी, झुग्गी एवं उच्च गतिशील आबादी वाले क्षेत्रों में पूर्ण एवं सटीक गणना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने लगभग 5.5 लाख प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उनका सत्यापित विवरण सहित अद्यतन डिजिटल डेटाबेस 10 अप्रैल तक तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को फील्ड तैनाती से पूर्व अनिवार्य, समग्र एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण 16 अप्रैल से 7 मई के बीच पूर्ण कराया जाए। प्रशिक्षण के लिए प्रोजेक्टर, कक्ष, जलपान एवं उपस्थिति जैसी सभी व्यवस्थाएं शासनादेश के अनुसार सुनिश्चित की जाएं तथा यह कार्य 6 मई से पूर्व पूरा हो। मकान सूचीकरण एवं गणना ब्लॉकों का स्पष्ट सीमाओं के साथ सटीक एवं त्रुटिरहित निर्धारण सुनिश्चित किया जाए। तकनीकी सहायकों की भर्ती शीघ्र पूरी कर जियो-टैगिंग एवं सीमांकन कार्य को मजबूत बनाया जाए।
इस अवसर पर भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि जनगणना को जन-जन की भागीदारी से जोड़ा जाए तथा इसे एक जन-अभियान बनाया जाए ताकि सटीक आंकड़े प्राप्त हो सकें। उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 पूर्णतः डिजिटल रूप से सम्पन्न होगी, जिसमें सभी डेटा संग्रहण, प्रविष्टि, सत्यापन एवं निगरानी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर होगी।
इस दौरान निदेशक जनगणना शीतल वर्मा ने जनगणना 2027 की प्रक्रिया, समय-सीमा एवं डिजिटल रूपांतरण पर संक्षिप्त प्रस्तुति दी, जिसमें राज्य की तैयारी एवं प्रस्तावित कार्ययोजना की जानकारी साझा की गई। उन्होंने बताया कि जनगणना के पहले चरण में मकानों की गणना एवं दूसरे चरण (9 फरवरी से 28 फरवरी 2027) में जनसंख्या गणना होगी। बैठक में प्रमुख सचिव राजस्व अपर्णा यू, प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन मनीष चौहान, सचिव सामान्य प्रशासन अभिषेक प्रकाश सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

