जगदगुरू रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय चित्रकूट के दीक्षांत समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को दी गयी उपाधि
-जगदगुरू रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय चित्रकूट का नवम दीक्षांत समारोह संपन्न
- जगदगुरू रामभद्राचार्य महाराज और राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने बांटी उपाधियां
- उत्तर प्रदेश के दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को भी मानद उपाधि से किया गया सम्मानित
चित्रकूट, 11 मई (हि.स.)। जगदगुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय चित्रकूट का नवम दीक्षांत समारोह में साेमवार काे 2417 उपाधियां, 141 स्वर्ण पदक, 6 कुलाधिपति पदक, 39 शोध उपाधि प्रदान की गईं। उपाधियां प्रदान की गयीं और विद्यार्थियों को आगे बढने के लिए प्रेरित किया गया; दीक्षांत समारोह का प्रारंभ शोभायात्रा से किया गया। जिसमें विश्वविद्यालय के कुलाधिपति जगदगुरू रामभद्राचार्य महाराज,उत्तर प्रदेश सरकार के दिव्यांग जन सशक्तिकरण राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप तथा विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने शिरकत की। इसके पश्चात उपस्थित अतिथियों ने मां सरस्वती के प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन करके दीक्षांत समारोह का परंपरागत ढंग से शुभारंभ किया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर शिशिर कुमार पांडेय ने दीक्षांत समारोह में मंच पर उपस्थित समस्त अतिथियों का स्वागत माल्यार्पण, पुष्प गुच्छ , स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया। इस अवसर पर अपने स्वागत भाषण में संबोधित करते हुए कुलपति कुलपति प्रोफेसर शिशिर कुमार पांडेय ने कहा कि यह विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है राज्य सरकार के द्वारा प्रतिष्ठापित होने के पश्चात यह गौरवपूर्ण समावेशी पर्यावरण में आयोजित होने वाला दीक्षांत समारोह स्वयं ऐतिहासिक होकर बुंदेलखंड क्षेत्र का ही नहीं बल्कि संपूर्ण देश के दिव्यांगजनों को सहज में आकर्षित कर रहा है। इस अवसर पर पैरालंपिक खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करके रजत पदक प्राप्त करने वाले आईएएस अधिकारी सुहास एल वाई को तथा चित्रकूट धाम मंडल के मंडल आयुक्त अजीत कुमार को मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की शोध पत्रिका समानु भूति के नवीन अंक का विमोचन, कुलाधिपति स्वामी श्री रामभद्राचार्य द्वारा रचित श्री रामचरितमानस का संपादकीय तथा संस्कृत वांगमय में जगद गुरु रामभद्राचार्य का योगदान, पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रदेश के दिव्यांगजन सशक्तिकरण तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप ने कहा यह विश्वविद्यालय भारत का ऐसा विश्वविद्यालय है जो पूर्ण रूपेण दिव्यांगों की उच्च शिक्षा के लिए समर्पित है। उन्होंने दीक्षांत समारोह में उपाधि धारकों को बधाई देते हुए कहा कि इस विश्वविद्यालय को दिव्यांग जन सशक्तिकरण विभाग से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नवीन कीर्तिमान स्थापित करने के लिए प्रत्येक प्रकार की सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में नए केंद्र तथा बुनियादी सुविधाओं में सुधार किया जाएगा। उन्होंने जगदगुरु स्वामी श्री रामभद्राचार्य जी के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जगदगुरु जी के सपनों को साकार करके इस विश्वविद्यालय को वैश्विक पटल पर स्थापित करने हेतु हर संभव प्रयास किए जाएंगे ।इसके लिए नेक की मूल्यांकन से लेकर अन्य सुविधाओं को मुहैया कराने हेतु उन्होंने सरकारी सहायता देने का आश्वासन भी दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति जगदगुरु स्वामी श्री रामभद्राचार्य जी ने कहा कि यह विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान परंपरा का उत्कृष्ट स्वरूप है। उन्होंने दीक्षांत के अर्थ को स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रत्येक शिक्षार्थी को शिक्षा के सही अर्थ को ग्रहण कर उपकार के द्वारा मानव कल्याण के बारे में सोचना चाहिए उन्होंने कहा कि मैं स्वयं स्वर्ण पदक धारक हूं तथा मेरे द्वारा यह स्थापित विश्वविद्यालय निश्चित रूप से पुरुषार्थ व भारतीय शिक्षा के प्रतिमान और व्यक्तिगत विकास के लिए एक सात्विक वातावरण उत्पन्न करेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा एक ऐसी शक्ति है जो मातृ देवो भव, पितृ देवो भव और आचार्य देवो भव के साथ राष्ट्र देवोभव के सूत्र को अंगीकार करते हुए प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का पालन करने की प्रेरणा देती है तथा सब कुछ राष्ट्र, समाज को अर्पित करने हेतु सतत रूप से प्रोत्साहित करती है।
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन विश्वविद्यालय के कुलसचिव मधुरेंद्र कुमार पर्वत ने किया। कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य सुमित्रा बाल्मीकि, आचार्य रामचंद्र दास, कुलाधिपति के निजी सचिव रमापति मिश्र, वित्त अधिकारी रमेश कुमार, पूर्व कुलपति प्रोफेसर योगेश चंद दुबे, हेमराज सिंह चतुर्वेदी,विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता व दीक्षांत समारोह के संयोजक डॉ महेंद्र कुमार उपाध्याय, डॉ हरिकांत मिश्र, डा सुशील त्रिपाठी,डॉ निहार रंजन मिश्र, डॉ गुलब्धर , डॉ शशिकांत त्रिपाठी, डा विनोद कुमार मिश्रा, डॉ अमित अग्निहोत्री, भगवताचार्य आचार्य नवलेश दीक्षित ,डीसीबी चेयरमैन पंकज अग्रवाल,पूर्व सांसद भैरो प्रसाद मिश्रा, पद्मश्री उमाशंकर पांडेय आदि समस्त विभागों के अध्यक्ष, आचार्य, विद्यार्थी, प्रशासनिक अधिकारी गण तथा विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।-------
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / रतन पटेल

