कानपुर में 53 हजार घरों की छतों पर सौर ऊर्जा, प्रदेश में तीसरे स्थान पर
कानपुर, 06 अक्टूबर (हि.स.)। शहर के घरों की छतों पर सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ बिजली खर्च कम करने की दिशा में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जिले में तेजी से काम हो रहा है। कानपुर में अब तक 53,382 घरों पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं। जिले में 172.06 मेगावाट सौर क्षमता स्थापित हो चुकी है और योजना के क्रियान्वयन में कानपुर प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। यह जानकारी मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव जे. जैन ने मंगलवार को विकास भवन सभागार में योजना की समीक्षा के दौरान दी।
सीडीओ ने सोलर प्लांट की स्थापना, लक्ष्य और सब्सिडी वितरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को योजना की रफ्तार और बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना से जोड़कर उन्हें सब्सिडी समेत योजना के लाभ की जानकारी दी जाए। संबंधित विभाग आपसी समन्वय से लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करें, ताकि पात्र लोगों को योजना का लाभ लेने में परेशानी न हो। बैठक में पीओ नेडा राकेश कुमार पाण्डेय समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले को 42,684 सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य मिला है। अप्रैल से सितंबर तक 21,342 प्लांट लगाने का लक्ष्य था, जिसके मुकाबले 25,035 प्लांट स्थापित किए गए। इस तरह छह महीने के लक्ष्य के सापेक्ष 117.3 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। अप्रैल में 3,410, मई में 4,088, जून में 4,216, जुलाई में 4,757, अगस्त में 4,385 और सितंबर में 4,179 प्लांट लगाए गए। जुलाई में सर्वाधिक 4,757 प्लांट स्थापित हुए।
अधिकारियों के अनुसार, जिले में विकसित 172.06 मेगावाट सौर क्षमता से पर्यावरण को भी लाभ मिल रहा है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक इससे अनुमानित 1,30,764 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है। रूफटॉप सोलर के विस्तार से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता घटाने में भी मदद मिल रही है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को छत पर सोलर प्लांट लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से अनुदान दिया जाता है। केंद्र से 30 हजार रुपये प्रति किलोवाट की दर से अधिकतम 78 हजार और राज्य से 15 हजार रुपये प्रति किलोवाट की दर से अधिकतम 30 हजार रुपये की सहायता मिलती है। पात्र उपभोक्ता को दोनों सरकारों से मिलाकर अधिकतम 1.08 लाख रुपये तक अनुदान मिल सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

