कागजों में गाय देवलोक से भी ज़्यादा सुखी : अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती

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कागजों में गाय देवलोक से भी ज़्यादा सुखी : अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती


सुलतानपुर, 20 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जिला सुलतानपुर मे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकारी बयानों और कागजी आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में गायों की स्थिति इतनी बेहतर है, जितनी शायद देवलोक में भी नहीं होगी। हालांकि, उन्होंने जमीनी हकीकत को इसके विपरीत बताया। शंकराचार्य ने सरकार और पशुपालन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा, 'सरकार, जिसे आपने ही बनाया है, वह गाय के बारे में कितनी संवेदनशील है?'

जिले के कुड़वार स्थित महाकाल मंदिर में बुधवार को ज्योतिषपीठाधीश्वर एवं जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का आगमन हुआ। उनके स्वागत के लिए श्रद्धालुओं, व्यापारियों और स्थानीय निवासियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया और आशीर्वाद लिया।

उन्होंने आगे कहा, कि 'उनके अधिकारी, पत्रकार और उनके प्रति भावना रखने वाले आम लोग भी कह रहे हैं कि गाय तो बड़ी सुखी है। उत्तर प्रदेश में इतना कड़ा कानून बनाया गया है कि कोई गाय को खरोंच तक नहीं मार सकता। कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री भी कैमरे के सामने यह बोल चुके हैं।'

शंकराचार्य ने पशुपालन मंत्री के बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने ₹2000 करोड़ के बजट और गांव-गांव गौ आश्रय स्थल बनाने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि अगर आप कागज देखेंगे, तो कागजों में गाय बड़े सुख से रह रही है। इतना सुख तो शायद देवलोक में भी नहीं होगा, लेकिन सरकारों के कथन और कागजातों में इतने सुख से रह रही गाय, असल में कितने सुख से है, यह जनता भली-भांति जानती है।

शंकराचार्य ने कुड़वार बाजार में एक भव्य गौशाला के निर्माण का आह्वान किया। उन्होंने लोगों से गौशाला के लिए 'एक नोट' (एक रुपया) दान करने की अपील की। उन्होंने प्रज्ञा एकेडमी के प्रबंधक से इस पहल में आगे आने को कहा और कुछ लोगों से मौके पर ही सहयोग राशि एकत्र करवाई। इस दौरान दयाराम अग्रहरि ने घोषणा की कि कुड़वार बाजार में जल्द ही एक भव्य गौशाला का निर्माण किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / दयाशंकर गुप्त

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