बनारस के लिये अच्छी खबर, एक क्लिक में ऑनलाइन दर्ज होगी सीवर-पेयजल समस्या, 24 घंटे के अंदर पहुंचेंगे कर्मचारी
वाराणसी। डिजिटल इंडिया के युग में बनारस शहर का एक बड़ा विभाग 'जलकल' जल्द ही हाईटेक होने जा रहा है। वाराणसी के सभी नगर निगम वार्डों के बाशिंदों की समस्याओं का समाधान अब बस एक क्लिक से संभव होगा। जलकल विभाग जल्द ही सीवर और पेयजल समस्या के समाधान के लिये ऑनलाइन शिकायत प्रणाली शुरू करने जा रहा है, जहां कोई भी अपनी समस्या रजिस्टर्ड करा सकता है। यहां रजिस्ट्रेशन के बाद शिकायतकर्ता को एक एसएमएस प्राप्त होगा, जिसमें कांटेक्ट पर्सन का नंबर होगा और अगले 24 घंटे के भीतर कर्मचारी शिकायतकर्ता के बताये लोकेशन पर विज़िट भी करेंगे।
शहर में चारों तरफ सीवर की और गंदे पेयजल की समस्या का शोर अक्सर और बेश्तर दिखाई देता है। इसपर रोना ये कि शिकायत करने के बाद भी जलकल के कर्मचारी समस्या का समधान करने में कई दिन लगा देते हैं। ऐसे में जलकल विभाग वाराणसी ने जनता की सहूलियत के लिए ऑनलाइन शिकायत और शिकायत निस्तारण की व्यवस्था स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत करने जा रहा है। इस सुविधा में व्यक्ति अपने जलकल विभाग का बिल भी ऑनलाइन जमा कर सकेगा।
इस सम्बन्ध में जलकल के महाप्रबंधक बीके सिंह ने बताया कि वाराणसी गलियों का शहर हैं। यहां रोज़ कहीं न कहीं दूषित पेयजल और सीवर की समस्या सामने आती है। जनता इन सबका निस्तारण तुरंत चाहती है, क्योंकि ये दोनों ही चीज़ें हमारे दैनिक जीवन से जुड़ी हैं। ऐसे में हम जल्द बनारस की जनता के लिए एक ऐसा सिस्टम लेकर आने वाले हैं जिससे जनता की समस्या का निस्तारण त्वरित हो जाए।
बीके सिंह ने बताया कि हम स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत एक ऐसा लिंक जनरेट कर रहे हैं जिसपर जाकर कोई भी बनारसी अपनी समस्या ऑनलाइन रजिस्टर करवा सकता है। शिकायत जैसे ही ऑनलाइन रजिस्टर्ड होगी शिकायतकर्ता के मोबाइल पर एक मैसेज जाएगा जिसपर उसका शिकायत नंबर और कांटेक्ट पर्सन का नंबर होगा।
महाप्रबंधक ने बताया कि अगले 24 घंटे के भीतर संबंधित विभाग के कर्मचारी और जरूरत पड़ी तो अधिकारी भी बताये गये लोकेशन का निरीक्षण करेंगे। यदि समस्या छोटी है तो उसे अगले 48 घंटे में हर हाल में दुरुस्त कर लिया जाएगा। यदि समस्या बड़ी है तो अधिकारियों को संज्ञान देते हुए समस्या का स्टीमेट तैयार करके कार्यालय को अवगत करवाएंगे, ताकी समय रहते बजट पास कर समस्या का समाधान किया जा सके।
महाप्रबंधक जलकल बीके सिंह ने बताया कि यह कार्ययोजना अगले दो से तीन महीने में बनकर तैयार हो जायेगी। इसके जरिये व्यक्ति अपना जलकर और सीवर टैक्स भी आसानी से ऑनलाइन तरीके से भर पायेगा। उन्होंने बताया कि जलकल विभाग इसे लेकर पेटीएम और कई यूपीएआई कंपनियों से बात कर रही है। इस व्यवस्था के लागू होते ही जनता की यह समस्या कम हो जाएगी कि उनकी समस्याओं पर कई दिनों तक कोई सुध नहीं लेता। सारा सिस्टम ऑनलाइन होने से कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी ऑनलाइन तरीके से ही तय हो जाएगी।

