सौंदर्यीकरण की भेंट चढ़ा 35 लाख में बना शुलभ शौचालय

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सौंदर्यीकरण की भेंट चढ़ा 35 लाख में बना शुलभ शौचालय


हरिद्वार, 21 फ़रवरी (हि.स.)। वर्ष 2021 के कुंभ मेले में 35 लाख रुपये की लागत से बना शौचालय सौदर्यीकरण की भेंट चढ़ गया। शौचालय के जमींदोज होने के बाद यह सवाल जरूर खड़ा हो गया है कि इसे आखिर बनाया ही क्यों गया था।

2021 के कुंभ मेले में यह शौचालय स्वच्छता के मॉडल के रुप मे 35 लाख रुपये की लागत से बना था, जिसे पांच साल बाद जमींदोज कर दिया गया। नगर के अत्यंत महत्वपूर्ण शंकराचार्य चौक पर बना यह शौचालय 15 वर्ष के अनुबंध पर संचालित हो रहा था और शहर के सबसे साफ शौचालयों में से एक था। अब इस शौचालय के स्थान पर अर्द्धकुंभ 2027 की तैयारियों के तहत भव्य सौंदर्यीकरण योजना साकार होगी।

दरअसल, शंकराचार्य चौक तीर्थ नगरी का प्रमुख प्रवेश द्वार है। कुंभ 2021 के दौरान यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त शुलभ शौचालय तत्कालीन मेलाधिकारी दीपक रावत के प्रस्ताव पर पर्यटन विभाग की ओर से बनाया गया था। शौचालय को 15 साल के अनुबंध पर सुलभ शौचालय संस्था को सोपा गया था। स्वच्छता मानकों पर खरा उतरने के बावजूद इसे सुंदरीकरण योजना के तहत ध्वस्त कर दिया गया।

इस संबंध में हुई धन की बर्बादी को लेकर तो कोई कुछ कहने को तैयार नहीं है, लेकिन पूछे जाने पर अपर कुंभ मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती ने बताया कि आगामी कुंभ मेला 2027 को देखते हुए शहर में व्यापक सौंदर्यीकरण अभियान शुरू किया गया है। इसी के तहत हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण ने शंकराचार्य चौक को नए आध्यात्मिक और भव्य स्वरूप में विकसित करने की योजना तैयार की है। इसी के दृष्टिगत यहां से सुलभ शौचालय हटाया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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