सोयाबीन फैक्ट्री हल्दूचौड़ में ध्वस्तीकरण पर प्रशासन सख्त, एसडीएम ने मारा औचक छापा

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सोयाबीन फैक्ट्री हल्दूचौड़ में ध्वस्तीकरण पर प्रशासन सख्त, एसडीएम ने मारा औचक छापा


हल्द्वानी , 03 सितंबर (हि.स.)। हल्दूचौड़ स्थित उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (यूसीएफ) के सोयाबीन एवं वनस्पति कॉम्प्लेक्स परिसर में चल रहे भवन ध्वस्तीकरण को लेकर उठ रहे सवालों के बीच प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को उप जिलाधिकारी लालकुआं रेखा कोहली ने ध्वस्तीकरण स्थल का औचक निरीक्षण कर पूरे मामले की जानकारी ली।

उन्होंने परियोजना प्रबंधक को तलब करते हुए ध्वस्तीकरण से संबंधित पूरी पत्रावली और अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मामले की विस्तृत जांच किए जाने की बात कही है।दरअसल, ध्वस्तीकरण की आड़ में मलबे के साथ उपखनिज निकाले जाने और परिसर में जमीन की गहराई तक खुदाई किए जाने को लेकर शिकायतें सामने आ रही थीं।

शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यूसीएफ प्रबंधन ने मामले की निगरानी के लिए अवर अभियंता की नियुक्ति की है। अवर अभियंता ने मौके पर पहुंचकर फिलहाल वाहनों की आवाजाही पर फौरी रोक लगाई है। अब ध्वस्तीकरण स्थल से मलबा बाहर ले जाने से पहले उसकी जांच तथा उससे संबंधित अभिलेखों की पड़ताल की जाएगी।

यूसीएफ प्रबंधक त्रिलोचन पाठक के अनुसार ध्वस्तीकरण के दौरान निकलने वाली सामग्री की प्रकृति, मात्रा और उसके परिवहन से संबंधित दस्तावेजों पर निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि मलबे को परिसर से बाहर ले जाने की प्रक्रिया भी निर्धारित नियमों के अनुसार ही की जाएगी।गुरुवार सुबह एसडीएम रेखा कोहली अचानक यूसीएफ परिसर पहुंचीं और ध्वस्तीकरण स्थल का मौके पर निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने परियोजना प्रबंधक के कार्यालय में पहुंचकर संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली तथा ध्वस्तीकरण से जुड़ी पत्रावलियां प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

एसडीएम रेखा कोहली ने स्पष्ट किया कि भवनों के ध्वस्तीकरण और वहां से सामग्री उठाने की प्रक्रिया की विस्तृत जांच की जाएगी। इसके साथ ही वह मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखेंगी। उन्होंने कहा कि ध्वस्तीकरण की आड़ में किसी भी प्रकार का नियम विरुद्ध कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

परिसर में ध्वस्तीकरण के दौरान जमीन की गहराई तक की गई खुदाई को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। स्थानीय लोगों द्वारा भी इस संबंध में शिकायतें उठाई जा रही हैं। अब प्रशासन के जांच के निर्णय के बाद पूरे मामले की तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / अनुपम गुप्ता

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