समाज में अंग दान के लिए जन जागरूकता लाएंगे तो लोग होंगे प्रोत्साहित
नई टिहरी, 28 अक्टूबर (हि.स.)। एचएनबी गढ़वाल केंद्रय विवि के एसआरटी परिसर बादशाहीथौल टिहरी में मोहन फाउंडेशन, एम्स ऋषिकेश और हिमालयन हॉस्पिटल जॉलीग्रांट के संयुक्त तत्वावधान में अंगदान विषय पर जागरूकता व्याख्यान कार्यक्रम कराया गया है।
बुधवार को बादशाहीथौल परिसर में शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. सुनीता गोदियाल ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कहा कि आजकल समाज मे विभिन्न प्रकार के बीमारियों, सड़क दुर्घटना के कारण कई लोग अंगविहीन हो जाते है। पूरे जीवनभर लोग अंग विहीनता के साथ जीवन व्यतीत करते है। क्योंकि हमारे समाज में उसके अंग प्रत्यारोपण के लिए अंग उपलब्ध नही हो पाते है। यदि हम समाज में अंग दान हेतु जनजागरूकता को प्रोत्साहित करेंगे तो लोगों को अंग दान की समस्या का सामना नही करना पड़ेगा। मोहन फाउंडेशन के संचित अरोरा, अरुण शर्मा, आरती सोलंकी ने अंगदान के महत्व को रेखांकित किया।
उन्होंने अंगदान की प्रक्रिया को समझाया। बताया कि अंग दान दो प्रकार से किया जा सकता है। जिसमें कुछ अंग सामान्य मृत्यु उपरांत जबकि दूसरा मस्तिष्क के मृत हो जाने पर अंगों का दान किया जा सकता है। विद्यार्थियों द्वारा अंग दान हेतु अधिकारिक वेबसाइट पर प्रतिज्ञा ली गयी। कार्यक्रम में डॉ. नीरज जोशी, डॉ. सुमनलता, डॉ. देवम एम, डॉ. मनोज प्रसाद नौटियाल, डॉ. हेम राज, डॉ. अखिलेश कुमार गौतम, डॉ. अरविंद, डॉ. कुसुम सजवाण नेगी, डॉ. रुचि उपाध्याय, आलोक सैनी, शिवानी नेगी, अपार बिंजोला, अंजुलिका बिष्ट, स्नेहल सोनी, अंशुमान कुशवाहा मौजूद थे।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश रतूड़ी

