संयुक्त चिकित्सालय श्रीनगर को जल्द मिलेगी लैप्रोस्कोपिक मशीन

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संयुक्त चिकित्सालय श्रीनगर को जल्द मिलेगी लैप्रोस्कोपिक मशीन


पौड़ी गढ़वाल, 05 नवंबर (हि.स.)। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में गुरुवार को संयुक्त चिकित्सालय श्रीनगर की चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक उप जिला चिकित्सालय श्रीनगर में आयोजित हुई। बैठक में चिकित्सालय की व्यवस्थाओं, चिकित्सा सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता, उपकरणों की स्थिति, मानव संसाधन और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक में चिकित्सालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत की गई, जिसमें बताया गया कि पूर्व की तुलना में भर्ती मरीजों की संख्या, शैय्या उपयोगिता दर, ऑपरेशनों, प्रसवों और एक्स-रे की संख्या में वृद्धि हुई है। जिलाधिकारी ने समीक्षा करते हुए चिकित्सालय में उपलब्ध बेड की संख्या, स्टाफ की स्थिति, रेडियोलॉजिस्ट एवं स्त्री रोग विशेषज्ञों की उपलब्धता तथा प्रसव सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ समय पर मिले।

उन्होंने कहा कि 'खुशियों की सवारी' सेवा का उपयोग केवल प्रसव के लिए ही नहीं, बल्कि अल्ट्रासाउंड सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी जरूरतमंदों को अस्पताल तक लाने और वापस पहुंचाने में किया जाए। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरकेएसके) के अंतर्गत काउंसलर की तैनाती श्रीनगर चिकित्सालय में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने चिकित्सालय के लघु निर्माण कार्यों के लिए बजट बढ़ाने तथा चिकित्सा प्रबंधन समिति के माध्यम से उपलब्ध धनराशि का अधिकतम उपयोग करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चिकित्सालय का कोई भी व्यय मद चिकित्सा प्रबंधन समिति के दायरे से बाहर नहीं होना चाहिए। बैठक में आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत करने के साथ ही चिकित्सालय की आवश्यकताओं और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के संबंध में समिति के सदस्यों से सुझाव भी लिए गए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सभी विभागों के साथ समन्वय बनाकर आवश्यक प्रस्ताव समयबद्ध रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 में बजट उपलब्ध होने पर स्त्री रोग विभाग में परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 10 लाख रुपये की लागत से लैप्रोस्कोपिक सेट क्रय करने की स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे सर्जरी की प्रक्रिया अधिक सहज, सुगम और मरीज के लिए कम कष्टदायक हो सकेगी।

इसके अलावा इमरजेंसी विभाग को सुदृढ़ बनाने के लिए पांच मल्टीपैरा मॉनीटर तथा एक 12 चैनल ईसीजी मशीन क्रय करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इन उपकरणों की खरीद जैम पोर्टल अथवा निविदा प्रक्रिया के माध्यम से की जाएगी। वहीं, प्रसव सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए मैटरनिटी टेबल की आवश्यकता को देखते हुए इसकी खरीद के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि पिछली बैठक में स्वीकृत फुली ऑटोमैटिक सीबीसी एनालाइजर और हार्मोनल एनालाइजर मशीनें क्रय कर ली गई हैं और सुचारु रूप से कार्य कर रही हैं।

इसके अलावा ऑक्सीजन संयंत्रों का अनुरक्षण कार्य पूरा होने के बाद उनका संचालन भी शुरू कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने इन व्यवस्थाओं को नियमित रूप से क्रियाशील रखने तथा उपकरणों के उचित रखरखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा।

बैठक के बाजद लाधिकारी ने चिकित्सालय का स्थलीय निरीक्षण कर विभिन्न विभागों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने महिला एवं पुरुष वार्डों में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उपचार, भोजन एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में फीडबैक लिया। महिला वार्ड में उन्होंने मरीजों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता भी परखी। इसके बाद आईसीयू वार्ड, आकस्मिक चिकित्सा कक्ष, ऑपरेशन थियेटर, लेबर वार्ड, मेडिसिन ओपीडी, जन औषधि केंद्र, होम्योपैथी कक्ष और पैथोलॉजी लैब का निरीक्षण किया।

जिलाधिकारी ने आईसीयू के सुचारु संचालन के लिए अस्पताल प्रबंधन की सराहना की। साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रत्येक विभाग में उपलब्ध सुविधाओं, मरीजों की संख्या और उपचार संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

फार्मेसी स्टोर के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने दवाओं की उपलब्धता और उनकी संख्या की जानकारी लेते हुए आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को चिकित्सालय से ही सभी निर्धारित दवाएं उपलब्ध होनी चाहिए। पैथोलॉजी लैब के निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में होने वाली विभिन्न जांचों की सूची मुख्य प्रवेश द्वार पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। साथ ही मेडिसिन ओपीडी, आकस्मिक चिकित्सा कक्ष सहित अन्य विभागों के बाहर भी वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं जांचों की जानकारी चस्पा करने को कहा, ताकि मरीजों और उनके तीमारदारों को जानकारी के अभाव में अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। आकस्मिक चिकित्सा कक्ष में उन्होंने आपातकालीन उपचार के लिए उपलब्ध उपकरणों एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी लेते हुए व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया।

बैठक में महापौर नगर निगम आरती भंडारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मेघना असवाल, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एलडी सेमवाल, उपजिलाधिकारी नूपुर वर्मा, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रचित गर्ग, तहसीलदार दीपक भंडारी, उप कोषाधिकारी नंदन सिंह खत्री, समिति के सदस्य गिरीश पैन्यूली, देवेंद्र भट्ट आदि शामिल रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह

Livevns.news Desk
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