डीएसबी परिसर में दो दिवसीय सांख्यिकी प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ

WhatsApp Channel Join Now
डीएसबी परिसर में दो दिवसीय सांख्यिकी प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ


नैनीताल, 05 अक्टूबर (हि.स.)। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर स्थित समाजशास्त्र विभाग की ओर से दो दिवसीय सांख्यिकी प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को गणित विभाग के नवनिर्मित सम्मेलन कक्ष में कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला में स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू), नई दिल्ली की निदेशक प्रो. नीता माथुर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं।

कार्यशाला में इग्नू के डॉ. अश्विनी कुमार और दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. धीरेंद्र प्रताप यादव मास्टर प्रशिक्षक के रूप में शामिल हैं। कार्यशाला में विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों के 90 से अधिक प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं।

सोमवार को कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष एवं कार्यशाला की संरक्षक प्रो. ज्योति जोशी ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में शोधकर्ता बड़ी मात्रा में आंकड़ों के साथ कार्य करते हैं। ऐसे में सांख्यिकीय सॉफ्टवेयर का उचित ज्ञान शोध में आंकड़ों के प्रभावी उपयोग के लिए आवश्यक है।

मुख्य वक्ता प्रो. नीता माथुर ने कहा कि अनेक सामाजिक वैज्ञानिक शोध के सांख्यिकीय पक्ष को लेकर संकोच करते हैं, जबकि सुदृढ़ सांख्यिकीय विश्लेषण विश्वसनीय सामाजिक शोध की महत्वपूर्ण पहचान बन चुका है। उन्होंने जटिल कोडिंग और महंगे सॉफ्टवेयर को भारतीय शोधकर्ताओं के लिए चुनौती बताते हुए जैमवी को उपयोगी विकल्प बताया। उन्होंने कहा कि यह अधिकांशतः निःशुल्क, सरल एवं विश्वसनीय है तथा इसके उपयोग के लिए इंटरनेट कनेक्शन आवश्यक नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सांख्यिकीय सॉफ्टवेयर उपयोगी होने के बावजूद शोध में मानवीय विवेक और निर्णय की भूमिका महत्वपूर्ण बनी रहती है।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रो. ललित तिवारी ने विभिन्न सभ्यताओं में सांख्यिकी के महत्व और इसके ऐतिहासिक विकास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पारिस्थितिकी से लेकर समाजशास्त्र तक प्रत्येक क्षेत्र में सांख्यिकी का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रो. दीपक पालीवाल, डॉ. अश्विनी कुमार, डॉ. धीरेंद्र प्रताप यादव ने भी विषय को रखा। कार्यशाला में प्रो. एम.सी. जोशी, डॉ. सरोज पालीवाल सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक, शोधार्थी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

Share this story