टीआरटी टनल में रेस्क्यू अभियान जारी,घायलों से मिले मंत्री मदन कौशिक

WhatsApp Channel Join Now
टीआरटी टनल में रेस्क्यू अभियान जारी,घायलों से मिले मंत्री मदन कौशिक


टीआरटी टनल में रेस्क्यू अभियान जारी,घायलों से मिले मंत्री मदन कौशिक


-विष्णुगाड-पीपलकोटी परियोजना की टनल हादसा: आठ श्रमिकों की मौत, दो अब भी लापता

गोपेश्वर, 16 अगस्त (हि.स.)। चमोली जिले के पीपलकोटी-मायापुर स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की टीआरटी टनल में 13 अगस्त को हुए हादसे के बाद रविवार को भी राहत एवं बचाव अभियान जारी रहा। टनल में फंसे 22 श्रमिकों में से 20 को बाहर निकाला जा चुका है। इनमें आठ की मौत हो गई है, जबकि 12 घायल हैं। दो श्रमिक अब भी लापता हैं।

हादसे के बाद रविवार को आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचकर घायल श्रमिकों का हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से घायलों के स्वास्थ्य और उपचार की जानकारी ली। जिला अस्पताल में 11 घायल श्रमिक उपचाराधीन हैं, जबकि एक घायल का एम्स ऋषिकेश में उपचार चल रहा है।

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सभी घायल श्रमिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी और आवश्यकता के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

जानकारी के अनुसार, 13 अगस्त की शाम करीब 7:05 बजे टनल के भीतर करीब 1.8 किलोमीटर हिस्से में पानी का रिसाव और भूधंसाव होने से श्रमिक फंस गए थे। घटना के बाद से विभिन्न सुरक्षा एवं राहत एजेंसियां संयुक्त रूप से बचाव अभियान चला रही हैं।

अभियान में स्थानीय पुलिस के 22 जवान, सीआईएसएफ के 25, एनडीआरएफ के 105, एसडीआरएफ के 42, एसएसबी के 14, आईटीबीपी के 52 और डीजीआरएफ के चार जवानों के अलावा फायर सर्विस, जिला प्रशासन, मेडिकल टीम तथा एचसीसी कंपनी की मशीनरी और मानवशक्ति जुटी हुई है। एसएफ-9 सर्च एंड रेस्क्यू टीम को भी सक्रिय किया गया है। टनल से पानी निकालने का कार्य लगातार जारी है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, गढ़वाल आयुक्त, जिलाधिकारी चमोली और पुलिस अधीक्षक सहित प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि दोनों लापता श्रमिकों की तलाश युद्धस्तर पर जारी है।

बारिश के कारण बचाव अभियान के साथ जिले में सड़क और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।

रविवार की रिपोर्ट के अनुसार चमोली में 61.40 मिमी, कर्णप्रयाग में 42, गैरसैंण में 22, पोखरी में 20, नारायणबगड़ में 19, थराली में 12 और जोशीमठ में 6.40 मिमी बारिश दर्ज की गई।

अलकनंदा नदी का जलस्तर 952.20 मीटर, नंदाकिनी का 867.33 मीटर और पिंडर का 769.28 मीटर दर्ज किया गया। तीनों नदियां अपने चेतावनी स्तर से नीचे हैं।

ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-07), कर्णप्रयाग-थराली-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-109के) और कर्णप्रयाग-नौटी-चोपता मार्ग यातायात के लिए सुचारू हैं। जोशीमठ-मलारी-नीती राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कुछ राज्य एवं ग्रामीण मार्ग भूस्खलन के कारण प्रभावित हैं। संबंधित विभाग मार्गों को खोलने में जुटे हैं।

हादसे में मृत आठ श्रमिकों में टिहरी गढ़वाल, चमोली, उत्तर प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ के श्रमिक शामिल हैं। जिला प्रशासन की ओर से मृतकों और घायलों के परिजनों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

---

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

Share this story