कृषि विपणन बोर्ड अध्यक्ष के खिलाफ धरना
हल्द्वानी, 08 जनवरी (हि.स.)। नवीन मंडी में फल-आढ़ती व्यापारियों की अनिश्चितकालीन बंदी के बीच गुरुवार को उस समय हालात बेकाबू हो गए, जब व्यापारियों को मनाने पहुंचे उत्तराखंड कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर डब्बू ने मंडी में व्याप्त अव्यवस्थाओं के लिए आढ़तियों को ही जिम्मेदार ठहरा दिया।
अध्यक्ष के इस बयान ने पहले से सुलग रहे असंतोष को और भड़का दिया, जिसके बाद धरना प्रदर्शन तीखी नोकझोंक, आरोप-प्रत्यारोप और गहमागहमी में बदल गया। मंडी परिसर में कई घंटों तक तनाव का माहौल बना रहा।अपने संबोधन में अध्यक्ष ने मंडी परिसर में अतिक्रमण और वाहनों पर लगाए जाने वाले टैक्स का भुगतान न होने के लिए आढ़तियों को जिम्मेदार बताया। इस पर आढ़तियों ने कड़ा विरोध जताते हुए आरोप लगाया कि विवाद के दौरान अध्यक्ष ने बदसलूकी और अपशब्दों का प्रयोग किया।
आढ़तियों ने अध्यक्ष को पद से हटाने की मांग करते हुए स्पष्ट कहा कि यदि 15 दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो मंडी को फिर से अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाएगा। भाजपा जिलाध्यक्ष की ओर से मुख्यमंत्री से वार्ता कराने का आश्वासन दिए जाने के बाद फिलहाल आढ़ती कारोबार शुरू करने पर सहमत हो गए। सिटी मजिस्ट्रेट एवं मंडी समिति प्रशासक गोपाल चौहान ने भी व्यापारियों से संवाद कर स्थिति को संभाला। इसके चलते शुक्रवार से मंडी से सब्जियों और राशन की आपूर्ति शुरू होने की संभावना है।
आंदोलन को देवभूमि ट्रक ओनर ट्रांसपोर्ट महासंघ के अध्यक्ष राकेश जोशी, ट्रांसपोर्टर नेता ललित रौतेला, प्रदेश प्रवक्ता हरजीत सिंह चड्ढा, प्रभारी पं. दया किशन शर्मा, देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल यातायात नगर अध्यक्ष जसपाल कोहली और गौला खनन संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश जोशी सहित कई संगठनों ने समर्थन दिया।अध्यक्ष के अतिक्रमण संबंधी बयान पर आढ़तियों ने कहा कि दो वर्षों के कार्यकाल में आढ़ती ही नहीं, किसान भी परेशान हैं और मंडियों की हालत बदहाल होती जा रही है। आढ़तियों ने साफ कहा कि भले ही दुकानें तोड़ दी जाएं, लेकिन अध्यक्ष को हटाया जाना चाहिए।आढ़तियों ने अध्यक्ष को हटाने के लिए पंद्रह दिन का समय दिया है।
आश्वासन के बाद फिलहाल बंदी स्थगित की गई है, लेकिन तय अवधि में कार्रवाई न होने पर दोबारा मंडी बंद करने की चेतावनी दी गई है।तनाव बढ़ने पर मंडी परिषद अध्यक्ष धरना स्थल छोड़कर मंडी समिति के गेस्ट हाउस चले गए। बाहर आढ़ती विरोध प्रदर्शन करते रहे। इसके बाद भाजपा प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल और जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट ने आढ़तियों से लगातार बातचीत कर स्थिति संभालने का प्रयास किया, लेकिन आढ़ती अध्यक्ष को हटाने की मांग पर अड़े रहे।डॉ. अनिल कपूर डब्बू ने कुमाऊं कमिश्नर और जिलाधिकारी से संपर्क कर मंडी में कथित अराजकता की जानकारी दी और शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश देने की बात कही।
हिन्दुस्थान समाचार / अनुपम गुप्ता

