उत्तराखंड में मानसून फिर सक्रिय, 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; 79 सड़कें बंद

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उत्तराखंड में मानसून फिर सक्रिय, 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; 79 सड़कें बंद


देहरादून, 17 जुलाई (हि.स.)। उत्तराखंड में मानसून के फिर सक्रिय होने से शुक्रवार को देहरादून समेत कई जिलों में झमाझम बारिश हुई, जिससे उमस से राहत मिली। वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण 79 सड़कें बंद हैं और मौसम विभाग ने 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

शुक्रवार शाम देहरादून में अचानक मौसम ने करवट ली। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश ने कुछ ही देर में पूरे शहर को भिगो दिया। कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी, जबकि सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। दफ्तरों से घर लौट रहे लोगों को भी बारिश के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहावना हो गया।

देहरादून के अलावा हरिद्वार, ऋषिकेश, विकासनगर, मसूरी, नैनीताल, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और अन्य कई क्षेत्रों में भी बारिश हुई। लगातार बनी उमस और गर्मी से परेशान लोगों ने राहत महसूस की।

बारिश के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं भी सामने आई हैं। लोक निर्माण विभाग (एसआरएमडी) की शुक्रवार शाम की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में कुल 79 सड़कें बंद हैं। इनमें एक राज्य राजमार्ग, 12 अन्य जिला मार्ग और 66 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। सबसे अधिक 25 सड़कें पिथौरागढ़ जिले में बंद हैं। इसके अलावा पौड़ी में 10, चमोली और नैनीताल में आठ-आठ, बागेश्वर में सात, टिहरी में पांच, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा और देहरादून में चार-चार, रुद्रप्रयाग में तीन तथा ऊधमसिंह नगर में एक सड़क बंद है। हरिद्वार और चम्पावत में सभी मार्ग सुचारु हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को 178 नई सड़कें अवरुद्ध हुईं, जबकि दिनभर के अभियान में 165 मार्गों को यातायात के लिए खोल दिया गया। बंद मार्गों को शीघ्र खोलने के लिए प्रदेशभर में 720 मशीनें लगाई गई हैं। कई स्थानों पर मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है, जबकि भारी भूस्खलन वाले क्षेत्रों में मार्ग बहाली में अधिक समय लग सकता है।

मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने प्रदेश के 10 जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश का 'वॉच' अलर्ट जारी किया है। देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत और रुद्रप्रयाग जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज से अति तीव्र बारिश के दौर पड़ने की चेतावनी दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, कुमाऊं मंडल के सभी जिलों और देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेगी। राज्य के अन्य जिलों में भी अनेक स्थानों पर वर्षा होने के आसार हैं।

पिछले 24 घंटों में पिथौरागढ़ जिले के सामा में सर्वाधिक 125 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा डीडीहाट में 84 मिमी, कपकोट में 77 मिमी, लोहारखेत में 59 मिमी, धारचूला में 54.2 मिमी और नैनीताल में 29 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने तथा अनावश्यक यात्रा से परहेज करने की अपील की है। वहीं, प्रशासन ने संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखते हुए किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

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