अस्पताल विवाद में गबन का आरोप, सात के खिलाफ मुकदमा

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हरिद्वार, 10 अप्रैल (हि.स.)। शहर के चर्चित सिटी अस्पताल में साझेदारी को लेकर चल रहा विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है। अस्पताल के एक साझेदार डॉक्टर ने अपने ही सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए गबन, धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने का मामला दर्ज कराया है।

मामला ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने सात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बता दें कि नया हरिद्वार कॉलोनी निवासी डॉ. सुमंतु विरमानी ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वह वर्ष 2000 से सिटी अस्पताल फर्म में विधिवत साझेदार हैं। वर्ष 2005 में फर्म का पुनर्गठन हुआ, जिसमें अन्य छह लोगों को भी साझेदार बनाया गया।

डॉ. विरमानी का आरोप है कि साल 2015 में उनकी जानकारी और सहमति के बिना फर्म के नाम पर बैंक खाता खोला गया।

इस खाते में उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए। खाते की जानकारी उनसे छिपाई गई। वर्ष 2018 में उन्हें गैरकानूनी तरीके से साझेदारी से बाहर कर दिया गया। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने कथित रूप से फर्जी साझेदारी विलेख तैयार कर नया बैंक खाता खुलवाया। डॉ. विरमानी का दावा है कि 5 जनवरी 2019 को एक खाते से 10.81 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए।

यह लेनदेन उनकी जानकारी के बिना किया गया। डॉ. विरमानी ने 24 दिसंबर 2025 को आरोपियों को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन 27 दिसंबर को मिले जवाब में उनकी मांगों को खारिज कर दिया गया। मुलाकात के दौरान उनके साथ कथित अभद्रता की गई। उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी गई।

ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह अधिकारी के अनुसार शिकायत के आधार पर 7 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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