आपदा जोखिम न्यूनीकरण को लेकर जनपद स्तर पर कार्यशाला

WhatsApp Channel Join Now
आपदा जोखिम न्यूनीकरण को लेकर जनपद स्तर पर कार्यशाला


नैनीताल, 07 अगस्त (हि.स.)। विकास भवन सभागार में शुक्रवार को ‘आपदा जोखिम न्यूनीकरण’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का शुभारंभ उत्तराखंड सरकार में पंचायती राज, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, आयुष व आयुष शिक्षा, पुनर्गठन एवं जनगणना मंत्री मदन कौशिक ने किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश के सभी जनपदों में ऐसी कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं, ताकि आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो।

मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखंड ने पिछले वर्षों में आपदा प्रबंधन एवं जोखिम न्यूनीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। राज्य में बड़ी आपदाओं के दौरान त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के माध्यम से जन-धन की हानि को कम करने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल संसाधनों की उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका समय पर प्रभावी उपयोग भी उतना ही आवश्यक है। राज्य सरकार आधुनिक तकनीक, सुदृढ़ सूचना तंत्र तथा रिस्पॉन्स टाइम कम करने पर विशेष ध्यान दे रही है, जिससे आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव दल शीघ्र घटनास्थल तक पहुंच सकें। उन्होंने बेहतर आपदा प्रबंधन के लिए सामुदायिक सशक्तिकरण को भी आवश्यक बताया।

राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला ने कहा कि कार्यशालाओं का उद्देश्य जनपद स्तर पर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना तथा अधिकारियों को आपदा प्रबंधन के प्रति अधिक जागरूक और प्रशिक्षित बनाना है। समिति के उपाध्यक्ष ले. कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी (सेवानिवृत्त) ने खोज, बचाव एवं राहत कार्यों की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि भूतपूर्व सैनिकों एवं अर्द्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त अधिकारियों और जवानों के अनुभव का उपयोग राज्य के आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने में किया जाएगा।

अपर सचिव आपदा प्रबंधन प्रकाश चंद्र ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आयोजित इन कार्यशालाओं में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आपदा जोखिम न्यूनीकरण, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, समन्वित कार्यवाही तथा क्षमता विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। तकनीकी सत्र में डॉ. पीडी माथुर ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण के ढांचे एवं लक्ष्यों, डॉ. वेदिका पंत ने इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (आईआरएस), रोहित कुमार ने जीआईएस प्रणाली एवं सचेत एप तथा निखिल पुनिया ने आईडीआरएन पोर्टल, मोबाइल एप और क्षमता विकास से संबंधित जानकारी दी। कार्यशाला से पूर्व जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने मंत्री का स्वागत करते हुए मानसून अवधि में जनपद में हुई प्राकृतिक आपदाओं, राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यों तथा विभागों को आवंटित धनराशि की जानकारी दी।

कार्यशाला में विधायक सरिता आर्या, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दर्मवाल, राज्य आपदा सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष विनय रुहेला, ले. कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी (सेवानिवृत्त), दर्जा राज्य मंत्री भावना मेहरा, ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे, अपर जिलाधिकारी सौरभ असवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

Share this story