सड़क विहीन गांव पिनाऊ से उठी चुनाव बहिष्कार की आवाज

सड़क विहीन गांव पिनाऊ से उठी चुनाव बहिष्कार की आवाज
सड़क विहीन गांव पिनाऊ से उठी चुनाव बहिष्कार की आवाज


गोपेश्वर, 04 अप्रैल (हि.स.)। चमोली जिले के देवाल विकास खंड के गांव पिनाऊ में आजादी के 77 साल बाद भी मोटर सड़क और आपदा में बहे सुबलीगाड के झूला पुल के न बनने को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने इस संबंध में एक ज्ञापन गुरुवार को उपजिलाधिकारी थराली को दिया है। जिसमें ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।

पिनाऊ गांव देवाल विकास खंड का अंतिम गांव है। स्व.दानू वर्ष 1969 से 1974 तक जनसंघ उत्तर प्रदेश के विधायक रहे हैं। उन्होंने अपने कार्यालय में अधिकांश क्षेत्र में सड़कों और पुलों का निमार्ण करवाया, लेकिन आज तक पिनाऊ गांव में मोटर सड़क नहीं बन पाई है। गांव में सबसे दूर पोलिंग बूथ तो है, लेकिन मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंची है। आज भी ग्रामीण 10 किलोमीटर पैदल चल कर पीठ पर सामान ढोने को मजबूर है। वर्तमान में गांव की जनसंख्या 140 और वोटर की संख्या सौ है।

ग्राम प्रधान धर्म सिंह दानू और पूर्व प्रधान उमराव दानू की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। जिसमें ग्रामीणों ने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि पिनाक गांव इस हाईटेक युग में भी अभी तक सड़क नहीं बन पाई है। सड़क को लेकर ग्रामीण लगातार संघर्षरत हैं। लेकिन अभी तक सड़क के लिए वित्तीय स्वीकृति नहीं होने से सरकारों के प्रति रोष जताया है।

ग्रामीणों ने कहा कि 2013 की दैविक आपदा से गांव को आवाजाही करने वाला सुबलीगाड में झूला पुल बह गया था। 10 वर्ष गुजर जाने के बाद भी झूला पुल नही बनने से गधेरा पार करने में दिक्कत आती है। अब तक दो लोग को गधरे को पार करते समय बह गए हैं। लेकिन इस ओर किसी का भी ध्यान नहीं है। इस लिए ग्रामीणों को मजबूर होकर लोकसभा चुनाव में किसी भी उम्मीदवार और कार्यकर्ता को गांव में नहीं जाने देंगे का ऐलान किया है।

राणा मेला कमेटी, लोहाजंग के अध्यक्ष इन्द्र सिंह कहते हैं कि पूर्व विधायक स्व. शेर सिंह दानू की स्मृति में लोहाजंग में वर्ष 2016 से पांच दिवसीय सांस्कृतिक औद्योगिक पर्यटन विकास मेला लगाया जाता है। मेले के माध्यम से लगातार धूराधारकोट-वांक पिनाऊ 23 किलोमीटर सड़क की मांग उठाते हैं। इस सड़क के बनने पर 10 गांव को लाभ मिलेगा।

दानू पिनाऊ देवाल के ग्राम प्रधान धर्म सिंह कहते हैं कि मुख्यमंत्रियों की दो बार की घोषणा के बाद भी अभी सड़क नहीं बन पाई है, अभीतक सड़क की सर्वे हुई है। मोटर सड़क तो दूर गांव जाने के लिए पैदल रास्ता खस्ताहाल है। गर्भवती महिलाओं और मरीजों को 10 किलोमीटर पैदल डंडी से मोटर सड़क तक लाना पड़ता है। सुबलीगाड में भी पुल नहीं बना है।

थराली के एसडीएम अवरार अहमद ने कहा है कि पिनाऊ के ग्रामीणों ने ज्ञापन दिया है। इस संबंध में ग्रामीणों से वार्ता कर समस्याओं का हल निकाला जाएगा।

लोनिवि थराली के अभिशासी अभियंता दिनेश गुप्ता ने कहा है कि पिनाऊ गांव के लिए मोटर सड़क स्वीकृत है। वनभूमि हस्तांतरण की कार्रवाई गतिमान है। वन विभाग और प्रशासन का संयुक्त रिपोर्ट आनी है। सुबलीगाड में पुल वल्र्ड बैंक से स्वीकृत है। बाॅंड नहीं बना है।आचार संहिता के बाद टेंडर प्रतिक्रिया होगी।

हिन्दुस्थान समाचार/जगदीश/सत्यवान/रामानुज

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