अपडेट...मोदी सरकार की गारंटी' से खादी बनी 'ग्लोबल ब्रांड'

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अपडेट...मोदी सरकार की गारंटी' से खादी बनी 'ग्लोबल ब्रांड'


अपडेट...मोदी सरकार की गारंटी' से खादी बनी 'ग्लोबल ब्रांड'


-राज्य स्तरीय खादी प्रदर्शनी का किया उद्घाटन, ‘नये भारत की नयी खादी’ की दिखी झलक

देहरादून, 13 फरवरी (हि.स.)। खादी और ग्रामोद्योग आयोग अध्यक्ष ने मंगलवार को कहा कि मोदी सरकार की गारंटी ने खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की ग्लोबल ब्रांडिंग की है। पिछले 9 वर्षों में ‘नये भारत की नयी खादी’ ने ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ को नयी दिशा दी है। इसके परिणाम स्वरूप इस कालखंड में खादी उत्पादों की बिक्री में चार गुना से अधिक की बिक्री दर्ज की गई है।

रेस कोर्स के गुरु नानक पब्लिक इंटर कॉलेज परिसर स्थित खेल के मैदान में खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के अध्यक्ष मनोज कुमार ने राज्य स्तरीय पीएमईजीपी प्रदर्शनी के उद्घाटन के मौके पर यह बातें कही। कार्यक्रम में राजपुर विधायक खजान दास उपस्थित रहे।

मनोज कुमार ने लाभार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और प्रयासों से कारीगरों को आधुनिक ट्रेनिंग और टूलकिट प्रदान किया जा रहा है। केवीआईसी ग्रामीण कारीगरों को आधुनिक बनाने के साथ-साथ प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत अभियान’ से भी जोड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत केवीआईसी ने अभी तक 27 हजार से अधिक कुम्हार भाइयों और बहनों को विद्युत चालित चॉक का वितरण किया है, जिससे 1 लाख से अधिक कुम्हारों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। इसी योजना के तहत 6000 से अधिक टूलकिट और मशीनरी का वितरण किया गया है, जबकि हनी मिशन योजना के अंतर्गत अभी तक 20,000 लाभार्थियों को 2 लाख से अधिक हनी बी-बॉक्स और बी कॉलोनी का वितरण किया गया है। इस योजना के अंतर्गत उत्तराखंड में पिछले तीन वर्षों में 1100 मधुमक्खी बॉक्सों का वितरण किया गया है।

उन्होंने कहा कि खादी की उत्पादन और बिक्री बढ़ने से ग्रामीण भारत के कारीगर आर्थिक रूप से समृद्ध हुए हैं। कारीगरों की पारिश्रमिक में पिछले 9 वर्षों में 233 फीसदी से अधिक की वृद्धि ने कारीगरों को खादी के काम की ओर आकर्षित किया है।

उत्तराखंड में 11 हजार से अधिक खादी कारीगरों को रोजगार-

मनोज कुमार ने कहा कि उत्तराखंड में खादी की 40 संस्थाएं कार्यरत हैं। इसके माध्यम से यहां पर करीब 11 हजार से अधिक खादी कारीगरों को रोजगार प्रदान किया जा रहा है। इसी तरह से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तराखंड में पिछले तीन वर्षों में 5888 नयी इकाइयों की स्थापना की गयी, जिससे 47,104 नये रोजगार का सृजन हुआ है। पीएमईजीपी के तरह उत्तराखंड में पिछले तीन वर्षों में 131.52 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी का वितरण भारत सरकार ने किया है।

अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के ''वोकल फॉर लोकल'' और ''मेक इन इंडिया'' मंत्र ने खादी को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई है। पिछले 9 वर्षों में खादी और ग्रामोद्योगी उत्पादों का कारोबार 1.34 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है, जबकि इस दौरान 9.50 लाख से अधिक नये रोजगार का सृजन हुआ है।

कारीगरों को बांटे 700 मशीनरी और टूलकिट-

इस मौके पर अध्यक्ष ने उत्तराखंड के ग्रामीण कारीगरों को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चल रहे ‘आत्मनिर्भर और विकसित भारत अभियान’ से जोड़ने के लिए ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत 700 मशीनरी और टूलकिट का वितरण भी किया।

प्रदर्शनी में 72 स्टॉल-

राज्य स्तरीय खादी प्रदर्शनी में बिहार, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल व जम्मू-कश्मीर के करीब 72 स्टॉल लगे हैं, जहां पर खादी और ग्रामोद्योग से जुड़े उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। प्रदर्शनी 19 फरवरी तक चलेगी।

वितरण कार्यक्रम के दौरान कुम्हार सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत 80 कुम्हारों को विद्युत चालित चाक, 50 मधुमक्खी पालकों को 500 मधुमक्खी बक्से, 50 कारीगरों को फुटवियर रिपेयरिंग टूलकिट, 20 प्लंबर को टूलकिट, 20 इलेक्ट्रिशियन को टूलकिट, 20 कारीगरों को फल प्रशोधन मशीनरी एवं टूलकिट, 10 पेपर प्लेट एवं दोना पत्तल मशीनरी और टूलकिट प्रदान किया गया।

इस मौके पर राज्य निदेशक संजीव राय, सहायक निदेशक प्रथम बी.एस. कंडारी, सहायक निदेशक द्वितीय के.एस. मलिक और उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी मध्य क्षेत्र यशपाल सिंह सहित खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि खादी कार्यकर्ता और कारीगर ग्राम उद्योग विकास योजना के लाभार्थियों समेत बैंक प्रतिनिधि केवाईसी आदि मौजूद रहे।

शाम के समय खादी महोत्सव में सम्भव मंच परिवार की ओर से नाटक की प्रस्तुति दी गई। इस नाटक के माध्यम से कलाकारों ने प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत योजना और वोकल फॉर लोकल, स्वच्छता, स्वरोजगार, खादी अपनाओ आदि विषयों पर जानकारी दी। नाटक के लेखक निर्देशक अभिषेक मेंदोला हैं।

इन कलाकारों में संजय गैरोला, नितिन भट्ट, राहत खान, अनुराग जोशी, हेमा पंत, नीतिका रौतेला, शुभम शर्मा, पंकज पंत, दिव्यांशु, अभिमन्यु मैंदोला, कुसुम पंत, सोनिया और भावना शानदार अभिनय किया।

हिन्दुस्थान समाचार/राजेश/रामानुज

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