बागवान गांव में बगैर ग्राम पंचायत की एनओसी के न बिके जमीन
नई टिहरी, 04 नवंबर (हि.स.)। जल, जंगल और जमीन पर बाहरी दखल की आशंकाओं को देखते हुए तहसील कीर्तिनगर के ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे किनारे ग्राम पंचायत बागवान में कृषि भूमि की बड़े पैमाने पर हो रही खरीद-फरोख्त से ग्रामीणा खफा हैं।
उन्होंने जमीनों की खरीद के पीछे भू-माफियाओं की सक्रियता पर सवाल उठाते हुए ग्राम पंचायत की एनओसी के बिना होने वाले भूमि सौदों पर तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई है। मामले में तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा।
बुधवार को बागवान के ग्राम प्रधान नरेश कोठियाल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने तहसीलदार को दिए ज्ञापन में ग्राम पंचायत से पारित प्रस्ताव के प्रति भी सौंपी। कहा कि ग्राम पंचायत की एनओसी के बिना बड़े पैमाने पर कृषि भूमि की खरीद-फरोख्त नहीं होनी चाहिए। बीते कुछ महीनों में गांव की सीमा पर जंगल से सटी भूमि और नदी किनारे खनन पट्टे के आसपास की जमीनें खरीदी गई है।
समाजसेवी गणेश भट्ट ने प्रदेश सरकार के भू-कानून को लेकर किए जा रहे दावों पर सवाल खड़े किए। कहा कि ग्रामीण विकास और रोजगार के अवसरों के वे विरोधी नहीं हैं। यदि पात्र व्यक्ति क्षेत्र में फैक्ट्री, उद्योग, रिजॉर्ट, आश्रम, स्कूल अथवा अस्पताल स्थापित कर स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से जमीन खरीदता है तो उसका स्वागत है। लेकिन जमीन की खरीद-फरोख्त के पीछे यदि केवल व्यावसायिक मुनाफा और स्थानीय संसाधनों पर कब्जे की मंशा है तो इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
उन्होंने मामले में डीएम से भी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। ज्ञापन पर शूरवीर सिंह बिष्ट, विक्रम सिंह, राहुल, खुशी कुमार, दिवाकर और प्रवीण सिंह रावत के हस्ताक्षर थे।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश रतूड़ी

