बारिश से यमुनोत्री यात्रा रोकी गई, नौ घंटे बाद खुला गंगोत्री हाईवे

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बारिश से यमुनोत्री यात्रा रोकी गई, नौ घंटे बाद खुला गंगोत्री हाईवे


उत्तरकाशी, 09 जुलाई (हि.स.)। लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन यमुनोत्री धाम की यात्रा अगले आदेश तक रोक दी है। श्रद्धालुओं को बड़कोट, खरादी सहित अन्य सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है। वहीं, नगुण और नालूपानी के पास भूस्खलन से बंद गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग करीब नौ घंटे बाद यातायात के लिए खोल दिया गया।

प्रशासन के अनुसार, यमुनोत्री हाईवे पर स्यानाचट्टी और हनुमानचट्टी के पास मलबा और बोल्डर आने से मार्ग बाधित हो गया है। स्थिति सामान्य होने तक यात्रियों को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

बड़कोट प्रभारी थानाध्यक्ष रणबीर सिंह चौहान ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यमुनोत्री धाम की यात्रा पर जाने वाले तीर्थ यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि जैसे ही हाईवे से मलबा हटाकर मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया जाएगा, श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से आगे रवाना किया जाएगा। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे पुलिस व प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। मौसम और सड़क की स्थिति सामान्य होने के बाद ही यात्रा सुचारु रूप से संचालित की जाएगी।

उधर, लगातार बारिश के कारण नगुण बैरियर और नालूपानी के पास भूस्खलन से गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने मशीनों की मदद से मलबा हटाया। नालूपानी के पास दोपहर में यातायात बहाल कर दिया गया, जबकि नगुण के पास भारी मलबा हटाने में अधिक समय लगा और करीब नौ घंटे बाद हाईवे पूरी तरह खोल दिया गया।

मार्ग बंद रहने के कारण तीर्थयात्रियों के अलावा स्थानीय लोग तथा सब्जी, दूध, राशन, पेट्रोल, डीजल, गैस और समाचार पत्र लेकर जाने वाले वाहन भी लंबे समय तक फंसे रहे।

नगुण के पास मार्ग बंद होने की सूचना के बाद डीएम प्रशांत आर्य भी दोपहर बाद मौके पर पहुंचे और बीआरओ के अधिकारियों को सड़क खोलने और जल्द से जल्द यातायात सुचारू करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिलाधिकारी ने मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे लोगों से वार्ता कर उनका हालचाल जाना। डीएम ने कहा कि भूस्खलन से अवरूद्ध हुए मार्गों को खोलना चुनौतीपूर्ण होता है। प्रशासन प्राथमिकता और पूरी प्रतिबद्धता के साथ मार्गों को बहाल करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल

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