मुख्य सचिव ने वाह्य सहायतित परियोजनाओं की समीक्षा की, आधारभूत ढांचे के विकास पर दिया जोर
देहरादून, 05 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को वाह्य सहायतित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने इसके तहत पूर्ण हो चुकी, गतिमान व भावी परियोजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी ली व दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने वाह्य सहायतित परियोजनाओं के अंतर्गत प्रदेश में आधारभूत संरचनाओं के विकास पर फोकस किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की क्लोजर रिपोर्ट फंडिंग एजेंसी, आर्थिक कार्य विभाग, वित्त मंत्रालय व भारत सरकार में अपने लाइन डिपार्टमेंट को अनिवार्य रूप से प्रेषित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धीमी गति से चल रहे सभी परियोजनाओं की लगातार निगरानी करते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने परियोजनाओं को समय से पूर्ण किए जाने के लिए मैनपावर और मशीन बढ़ाते हुए सभी आवश्यक कदम उठाये जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने ऊर्जा विभाग के अंतर्गत मसूरी एवं नैनीताल के लिए अंडरग्राउंड विद्युत लाइन परियोजना का प्रस्ताव तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने उत्तराखंड इंटीग्रेटेड हॉर्टिकल्चर प्रोजेक्ट में तेजी लाए जाने के लिए डेडिकेटेड पीएमयू स्थापित किए जाने की बात कही। साथ ही कहा कि डेडिकेटेड पीएमओ और लगातार निगरानी करते हुए प्रोजेक्ट को समय से पूर्ण किया जाए।
मुख्य सचिव ने शिक्षा के क्षेत्र में विशेषकर तकनीकी शिक्षा में सिस्टम को मजबूत किए जाने की दिशा में कार्य किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा में इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक और आईटीआई में आधारभूत संरचना विकास पर कार्य किए जाने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, रणजीत सिंह चौहान, विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव विनीत कुमार एवं हिमांशु खुराना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
------------
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल

