महिला उत्पीड़न के मामलों में 'गोल्डन आवर' में त्वरित सहायता पर गढ़वाल मंडल के अधिकारियों को प्रशिक्षण

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महिला उत्पीड़न के मामलों में 'गोल्डन आवर' में त्वरित सहायता पर गढ़वाल मंडल के अधिकारियों को प्रशिक्षण


देहरादून, 11 जुलाई (हि.स.)। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से शनिवार को देहरादून में गढ़वाल मंडल के वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) कार्मिकों, महिला हेल्प डेस्क पुलिसकर्मियों, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के प्रतिनिधियों और संरक्षण अधिकारियों के लिए एक दिवसीय राज्य स्तरीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला आयोजित की। कार्यशाला में महिला उत्पीड़न के मामलों में 'गोल्डन आवर' के दौरान त्वरित सहायता, संवेदनशील व्यवहार और गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया।

शनिवार को यूसीएफ सदन में आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने किया। उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न अथवा अन्य प्रताड़ना की शिकार महिलाओं की गोपनीयता बनाए रखते हुए उन्हें समयबद्ध न्याय और मानसिक संबल उपलब्ध कराना सभी संबंधित अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल अधिकारियों को प्रशिक्षित करना नहीं, बल्कि ऐसे 'मास्टर ट्रेनर्स' तैयार करना है, जो आगे जिला और स्थानीय स्तर पर भी इसी प्रकार का प्रशिक्षण देकर महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा को और मजबूत बना सकें।

कार्यशाला में उच्च न्यायालय नैनीताल के सेवानिवृत्त रजिस्ट्रार जनरल वी.के. माहेश्वरी ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), घरेलू हिंसा अधिनियम और पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी। दून विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. राजेश भट्ट ने ट्रॉमा-इन्फॉर्म्ड काउंसलिंग और पीड़ित महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।

स्वास्थ्य विभाग की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वंदना सुन्द्रियाल ने यौन अपराध और घरेलू हिंसा की पीड़ित महिलाओं को 'गोल्डन आवर' में प्राथमिक उपचार, चिकित्सीय सहायता और मेडिकल परीक्षण की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने पीड़िता की गरिमा और गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

पुलिस क्षेत्राधिकारी डोईवाला वंदना वर्मा ने डिजिटल साक्ष्य संरक्षण, साइबर अपराध और पुलिस, वन स्टॉप सेंटर तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के बीच समन्वय की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। वहीं महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के विशेषज्ञों ने जेंडर संवेदीकरण तथा विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।

कार्यशाला में गढ़वाल मंडल के सभी जिलों से आए प्रतिभागियों ने विषय विशेषज्ञों से संवाद कर व्यावहारिक समस्याओं के समाधान पर चर्चा की। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों सहित राज्य महिला आयोग के पदाधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

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