डुंडा आटे की होली के साथ मनाया लोसर पर्व
उत्तरकाशी, 20 फ़रवरी (हि.स.)। जिले के जाड़ भोटिया समुदाय के लोगों का पारंपरिक लोसर मेला वीरपुर डुंडा में आटे की होली के साथ मनाया गया।
पहले दिन दीपावली की धूम मची, जिसमें चीड़ के छिलकों से बनीं मशालों का जलाया गया। दूसरे दिन नववर्ष व होली का अनोखा संगम देखने को मिला।तीन दिवसीय उत्सव की अनूठी परंपराएंअंतिम दिन कुछ घरों पर रंग-बिरंगे बौद्ध मंत्रों से लिखित झंडे लगाए गए। स्थानीय मान्यता है कि इन मंत्रों से सजा आटे की होली अगले वर्ष के लोसर की प्रतीक्षा को विराम देती है।
यह पर्व हिंदू व बौद्ध परंपराओं का सुंदर समन्वय दर्शाता है, जो भागीरथी नदी के तट पर बसे किन्नौरी, जाड़ भोटिया व खाम्पा समुदाय की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करता है।रिंगाली देवी मंदिर में विशेष पूजा के साथ मेला संपन्न हुआ। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं का नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। ग्रामीणों ने बताया कि लोसर में भारत के सभी प्रमुख पर्व एक साथ अलग-अलग दिनों में मनाए जाते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / चिरंजीव सेमवाल

