शिवमूर्ति तिराहे का होगा चौड़ीकरण, सैकड़ों साल पुराना यात्रा पंजीकरण कार्यालय हटाया
हरिद्वार, 18 सितंबर (हि.स.)। तीर्थनगरी हरिद्वार के सबसे पुराने और प्रमुख तिराहों में शामिल शिवमूर्ति तिराहे को अब नए स्वरूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। बढ़ते यातायात और लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक दबाव को देखते हुए तिराहे के चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में यहां स्थित हरिद्वार नगर पालिका का सैकड़ों वर्ष पुराना यात्रा पंजीकरण कार्यालय भी हटा दिया गया है, ताकि सड़क पर आवागमन के लिए अतिरिक्त जगह उपलब्ध हो सके।
चौड़ीकरण के बाद शिवमूर्ति को भी तिराहे के बीचों-बीच स्थापित किए जाने की योजना है। इससे वाहनों के आवागमन को व्यवस्थित करने और तिराहे पर जाम की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
शिवमूर्ति तिराहे को व्यवस्थित करने की कवायद वर्ष 2013 में भी नगर निगम की ओर से हुई थी।लेकिन शिवमूर्ति को ऊपर उठाकर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी।
दरअसल, पिछले कुछ दशकों में हरिद्वार में वाहनों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ ही शहर की सड़कों पर यातायात का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है। दूसरी ओर, विभिन्न स्थानों पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण कई प्रमुख तिराहे और चौराहे पहले की तुलना में संकरे हो गए हैं। ऐसे में यातायात के लिहाज से कई स्थानों पर सड़क के बीच या किनारे बने बड़े प्रतीकात्मक ढांचे, मूर्तियों और स्तंभों को हटाने, स्थानांतरित करने अथवा उनका आकार कम करने की जरूरत महसूस की जा रही है।
शिवमूर्ति तिराहे के अलावा चंडीघाट तिराहा, नगर कोतवाली तिराहा, ललताराव पुल तिराहा, परशुराम तिराहा, शंकर आश्रम तिराहा, भगत सिंह चौक और श्रीराम चौक समेत शहर के कई प्रमुख तिराहे-चौराहे भी यातायात दबाव से प्रभावित हैं। हरिद्वार में कुंभ मेले की तैयारियों के बीच प्रमुख मार्गों और चौराहों को व्यवस्थित करने की कवायद को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

