बच्चे विदेश में, बुजुर्ग अकेले, दरवाजे पर पहुंची पुलिस तो छलक पड़ी आंखें

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बच्चे विदेश में, बुजुर्ग अकेले, दरवाजे पर पहुंची पुलिस तो छलक पड़ी आंखें


बच्चे विदेश में, बुजुर्ग अकेले, दरवाजे पर पहुंची पुलिस तो छलक पड़ी आंखें


हरिद्वार, 01 सितंबर (हि.स.)। बच्चे नौकरी और रोजगार के सिलसिले में देश-विदेश में हैं और घर में बुजुर्ग माता-पिता अकेले जिंदगी गुजार रहे हैं। ऐसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए हरिद्वार पुलिस ने संवेदनशील पहल शुरू की है। कनखल क्षेत्र में पुलिस घर-घर पहुंचकर अकेले रह रहे वरिष्ठ नागरिकों की कुशलक्षेम पूछ रही है और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान कराने का प्रयास कर रही है।

एसएसपी हरिद्वार द्वारा सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अपने-अपने थाना क्षेत्रों में अकेले निवास कर रहे वरिष्ठ नागरिकों की निगरानी की जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जाए।

इसी क्रम में कोतवाली कनखल पुलिस ने क्षेत्र में अकेले रह रहे 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों का रजिस्टर तैयार किया है। पुलिस इन बुजुर्गों से नियमित संपर्क कर उनकी कुशलक्षेम जान रही है। खासतौर पर ऐसे बुजुर्गों पर ध्यान दिया जा रहा है, जिनके बच्चे देश या विदेश में रहते हैं और वे अपने घर में अकेले रह रहे हैं।

पुलिसकर्मी घर पहुंचकर बुजुर्गों से उनकी जरूरतों, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और किसी अन्य समस्या के बारे में जानकारी ले रहे हैं। किसी प्रकार की दिक्कत सामने आने पर तत्काल कार्रवाई का भरोसा भी दिया जा रहा है।

पुलिस की इस पहल से कई वरिष्ठ नागरिक भावुक नजर आए। बुजुर्गों ने पुलिसकर्मियों से कहा, “हम अकेले थे, लेकिन आपको अपने घर पर देखकर लगा कि कोई हमारी भी फिक्र करता है।वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि जिस तरह कोरोना काल में पुलिस ने बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखा था, उसी तरह नियमित रूप से घर पहुंचकर हालचाल पूछने से उनमें सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है।

वरिष्ठ अधिकारियों और प्रभारी निरीक्षक कनखल के नेतृत्व में चल रही इस पहल की वरिष्ठ नागरिकों ने सराहना की है। हरिद्वार पुलिस का कहना है कि अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए पुलिस लगातार उनके साथ खड़ी है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल मदद उपलब्ध कराई जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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