स्वच्छ हरिद्वार अभियान में स्कूलों की भागीदारी, कूड़ा प्रबंधन का दिया संदेश

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स्वच्छ हरिद्वार अभियान में स्कूलों की भागीदारी, कूड़ा प्रबंधन का दिया संदेश


हरिद्वार, 12 सितंबर (हि.स.)। हरिद्वार को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषणमुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘स्वच्छ हरिद्वार, सांझी जिम्मेदारी’ अभियान के तहत तरुण हिमालय इंटर कॉलेज में कूड़ा निस्तारण एवं वेस्ट मैनेजमेंट जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। हरिद्वार नगर निगम के तत्वावधान और सहयोगी स्वयंसेवी संस्था के समन्वय से आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और विद्यालय कर्मचारियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में प्रशिक्षकों ने सोर्स सेग्रीगेशन यानी कूड़े को उसी स्थान पर गीले और सूखे कचरे में अलग करने की आवश्यकता समझाई। विद्यार्थियों को बताया गया कि घर और विद्यालय से निकलने वाले जैविक एवं अन्य ठोस अपशिष्ट को अलग-अलग एकत्रित करने से उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण और पुनर्चक्रण आसान हो जाता है।

जैविक कचरे से तैयार होगी खाद

अभियान के तहत विद्यालय को एक कंपोस्टिंग मशीन उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया है। मशीन के माध्यम से विद्यालय परिसर से निकलने वाले गीले और जैविक कचरे को प्रोसेस कर जैविक खाद तैयार की जाएगी। इस खाद का उपयोग विद्यालय परिसर में लगे पेड़-पौधों और हरियाली के लिए किया जा सकेगा। इससे कचरे के उपयोगी प्रबंधन के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

स्वच्छता सबकी साझा जिम्मेदारी

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि ‘स्वच्छ हरिद्वार, सांझी जिम्मेदारी’ केवल नगर निगम या सरकार का अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा आंदोलन है। हरिद्वार की स्वच्छता और मां गंगा की निर्मलता बनाए रखने में स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, शिक्षण संस्थानों, साधु-संतों और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। यह पहल स्वच्छ भारत मिशन (अर्बन) के तहत नागरिकों में जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। अभियान में टाटा ट्रस्ट्स की भी सहभागिता है। कार्यक्रम में एनजीओ टीम के सदस्यों के अलावा विद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और स्कूल प्रबंधन समिति (ैडब्) के अध्यक्ष मौजूद रहे। प्रधानाचार्य त्रिलोक चन्द्र भट्ट ने पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अंत में विद्यालय परिवार ने हरिद्वार को स्वच्छ रखने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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