मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड फिल्म पुरस्कारों को दी मंजूरी, नरेन्द्र सिंह नेगी और हेमंत पांडे को मिलेगा लाइफ टाइम अचीवमेंट सम्मान
देहरादून,06 नवंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड फिल्म नीति-2024 के तहत वर्ष 2024 और 2025 के लिए चयनित फिल्मों एवं कलाकारों को उत्तराखंड फिल्म पुरस्कार प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी और अभिनेता हेमंत पांडे को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। दोनों को दो-दो लाख रुपये की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
वर्ष 2024 के लिए गढ़वाली फिल्म 'घपरोल' को सर्वश्रेष्ठ फिल्म चुना गया है। इसके लिए निर्माता अजय ढौंडियाल को सम्मानित किया जाएगा। फिल्म के निर्देशक एवं पटकथा लेखक सिद्धार्थ शर्मा को भी पुरस्कार मिलेगा। वहीं, 'कारा एक प्रथा' के लिए रमेश रावत को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, शिवानी भंडारी को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री और अजय सिंह बिष्ट को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता चुना गया है।
जौनसारी फिल्म 'मेरे गांव की बाट' के लिए मधुबाला को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री, अजब सिंह को सर्वश्रेष्ठ गायक और 'घपरोल' के लिए विनय चानना को सर्वश्रेष्ठ सिनेमेटोग्राफर का पुरस्कार दिया जाएगा।
वर्ष 2025 के हिंदी फिल्म वर्ग में ‘मनु क्या करेगा’ को सर्वश्रेष्ठ फिल्म चुना गया है। इसके निर्माता शरद मेहरा हैं। वहीं, 'केसरी चैप्टर-2' के लिए करण सिंह त्यागी को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, अक्षय कुमार को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, अनन्या पांडे को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री और करण सिंह त्यागी एवं अमृत पाल को सर्वश्रेष्ठ पटकथा लेखक चुना गया है। आर. माधवन को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता और जुबिन नौटियाल को सर्वश्रेष्ठ गायक का पुरस्कार मिलेगा।
उत्तराखंडी बोली की फिल्मों में गढ़वाली फिल्म 'रैबार' को सर्वश्रेष्ठ फिल्म चुना गया है। इसके निर्माता एवं पटकथा लेखक भगत सिंह सैनी, निर्देशक सुशील उनियाल, सहायक अभिनेता राजेश नौगाई और सिनेमेटोग्राफर धर्मेंद्र सिंह सिसोदिया को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा। वहीं, ‘द्वि होला जब साथ’ के लिए मनीष डिमरी को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता,कल्याणी गंगोला को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री और विकास भारद्वाज को सर्वश्रेष्ठ गायक चुना गया है।
पुरस्कारों के तहत सर्वश्रेष्ठ फिल्म को दो लाख रुपये, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक को डेढ़ लाख रुपये तथा अभिनेता, अभिनेत्री, पटकथा लेखक, सहायक अभिनेता-अभिनेत्री, गायक और सिनेमेटोग्राफर को एक-एक लाख रुपये दिए जाएंगे। निर्माता एवं निर्देशक को स्वर्ण ब्रह्मकमल और प्रशस्ति पत्र, जबकि अन्य कलाकारों एवं तकनीकी विशेषज्ञों को रजत ब्रह्मकमल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
राज्य सरकार के अनुसार,इन पुरस्कारों का उद्देश्य उत्तराखंड में फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने,स्थानीय कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने और प्रदेश की लोकसंस्कृति, भाषाओं एवं परंपराओं को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

