अर्बन चैलेंज फंड से उत्तराखंड के शहरों को मिलेगी नई रफ्तार
देहरादून, 21 अप्रैल (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में उत्तराखंड के शहरी क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार की अर्बन चैलेंज फंड (यूसीएफ) योजना राज्य के लिए महत्वपूर्ण अवसर के रूप में उभर रही है। आज राज्य सचिवालय में आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में नगर निकायों को प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर परियोजनाएं तैयार कर केंद्र सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए।
केंद्र सरकार की इस योजना के तहत देशभर में 1 लाख करोड़ की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। योजना 2025-26 से 2030-31 तक लागू रहेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य के नगर निकाय समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण प्रस्ताव तैयार करें, ताकि अधिकतम लाभ सुनिश्चित किया जा सके।
उत्तराखंड के सभी 108 नगर निकाय इस योजना के तहत क्रेडिट गारंटी सुविधा का लाभ उठा सकेंगे, जिससे छोटे नगर निकाय भी ऋण लेकर विकास कार्य कर पाएंगे।
योजना के तहत जल एवं स्वच्छता, शहरी पुनर्विकास और शहरों को ग्रोथ हब के रूप में विकसित करने से जुड़े प्रस्ताव आमंत्रित किए जाएंगे। ऋषिकेश, देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, काशीपुर, रुड़की, श्रीनगर, रामनगर और रुद्रपुर जैसे शहरों में विशेष परियोजनाएं तैयार की जाएंगी।
परियोजनाओं की लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा मार्केट फाइनेंस से जुटाना अनिवार्य होगा, जबकि 25 प्रतिशत केंद्र और 25 प्रतिशत राज्य,नगर निकाय वहन करेंगे। फंडिंग प्रदर्शन आधारित होगी और परियोजनाओं की प्रगति के आधार पर किस्तों में जारी की जाएगी। नगर निकायों को संपत्ति कर सुधार, डिजिटल सेवाएं, जीआईएस सर्वे, स्वच्छता और जल प्रबंधन जैसे सुधारात्मक कदम उठाने होंगे।
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने इसे राज्य के शहरी विकास के लिए परिवर्तनकारी योजना बताते हुए कहा कि इससे शहरों को आधुनिक, स्वच्छ और निवेश अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

