बिना मान्यता संचालित दो मदरसे सील, प्रदेशभर में कार्रवाई के निर्देश

WhatsApp Channel Join Now
बिना मान्यता संचालित दो मदरसे सील, प्रदेशभर में कार्रवाई के निर्देश


बिना मान्यता संचालित दो मदरसे सील, प्रदेशभर में कार्रवाई के निर्देश


-रुद्रपुर जुलूस में कथित भड़काऊ भाषण पर मुफ्ती मुजीब गिरफ्तार

देहरादून, 29 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में बिना आवश्यक मान्यता के संचालित दो मदरसों को प्रशासन ने शनिवार को सील कर दिया। राज्य सरकार ने ऐसे सभी संस्थानों के खिलाफ प्रदेशभर में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई रुद्रपुर में जश्न-ए-मोहम्मदी जुलूस के दौरान कथित आपत्तिजनक एवं भड़काऊ भाषण को लेकर सामने आए विवाद के बीच हुई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रदेश में मदरसे अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के निर्धारित मानकों के तहत मान्यता लेकर शिक्षा विभाग से संबद्ध होंगे और उनमें राष्ट्रीय पाठ्यक्रम के अनुरूप शिक्षा सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़कर उन्हें उच्च शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। धामी ने रुद्रपुर प्रकरण के संदर्भ में कहा है कि राज्य में ऐसी विचारधारा को पनपने नहीं दिया जाएगा, जो सामाजिक सौहार्द के लिए चुनौती बने। सरकार का कहना है कि निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि मंगलौर क्षेत्र स्थित मदरसा रोडवुड पब्लिक स्कूल और मदरसा तजबीदुल कुरान सितारजवी को प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने सील किया है। उन्होंने बताया कि दो अन्य मदरसा संचालकों को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए सोमवार तक का समय दिया गया है।

अल्पसंख्यक मामलों के सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त किए बिना संचालित मदरसों को चलने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

इसी बीच रुद्रपुर में जश्न-ए-मोहम्मदी जुलूस के दौरान कथित आपत्तिजनक भाषण को लेकर पुलिस ने मुफ्ती मुजीब को रामपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मदरसों को बंद किए जाने के मुद्दे पर त्रिशूल चौक पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और सरकार के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई थी। संबंधित व्यक्ति द्वारा संचालित मदरसे की मान्यता की स्थिति की भी जांच की जा रही है।

उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रो. सुरजीत सिंह गांधी ने बताया कि प्राधिकरण अपने पहले सत्र में सात मदरसों समेत नौ अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मान्यता दे चुका है। उन्होंने कहा कि दो सितंबर को 26 अन्य मदरसों को मान्यता देने की प्रक्रिया प्रस्तावित है।

गांधी के अनुसार, करीब 200 मदरसों ने शिक्षा विभाग से मान्यता लेने के लिए इन्वेस्टमेंट पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया है, जबकि 200 से अधिक मदरसों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि बिना आवश्यक प्रक्रिया पूरी किए संचालित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि राज्य सरकार ने एक जुलाई 2026 से उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया है। सरकार के अनुसार, इसका उद्देश्य अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के लिए निर्धारित शैक्षणिक मानकों को लागू करना तथा विद्यार्थियों को धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक विषयों की शिक्षा उपलब्ध कराना है।

सरकार ने मदरसा बोर्ड को समाप्त कर अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को नए प्राधिकरण के अधीन लाने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत संस्थानों को निर्धारित मानकों को पूरा करने के साथ भवन, भूमि, आय के स्रोत और अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

Share this story