गर्भवती महिलाओं की होगी शत-प्रतिशत अल्ट्रासोनोग्राफी जांच

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गर्भवती महिलाओं की होगी शत-प्रतिशत अल्ट्रासोनोग्राफी जांच


देहरादून, 15 मार्च (हि.स.)। उत्तराखंड में गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत अल्ट्रासोनोग्राफी जांच सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार विशेष अभियान चलाएगी। प्रथम चरण में प्रदेश के चयनित जनपदों में यह अभियान चलाया जाएगा और पात्र गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए निःशुल्क परिवहन सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने बताया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान समय पर अल्ट्रासोनोग्राफी जांच कराना गर्भवती महिलाओं और गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में शत-प्रतिशत अल्ट्रासोनोग्राफी कवरेज सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में यह अभियान अल्मोड़ा,बागेश्वर,चमोली,चम्पावत,पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जनपदों में संचालित किया जाएगा। 15 अप्रैल तक चलने वाले इस अभियान के तहत 18 सप्ताह या उससे अधिक गर्भकाल वाली और वर्तमान गर्भावस्था में अभी तक अल्ट्रासाउंड जांच न करा पाने वाली गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता से शामिल किया जाएगा। इसके अलावा उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं और चिकित्सकों की ओर से दोबारा यूएसजी कराने की सलाह दी गई महिलाओं को भी अभियान में शामिल किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने शत-प्रतिशत अल्ट्रासोनोग्राफी कवरेज सुनिश्चित करने के लिए विभागीय अधिकारियों को माइक्रोप्लान तैयार कर पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत अभियान संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला और ब्लॉक स्तर पर सभी यूएसजी केंद्रों,उपलब्ध रेडियोलॉजिस्ट और स्त्री रोग विशेषज्ञों की टीम बनाकर ड्यूटी रोस्टर तैयार करने तथा समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने पात्र गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। इसके लिए 102 और 108 एंबुलेंस सेवाओं सहित अन्य उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करने को कहा गया है।

मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं की एलएमपी और ईडीडी का सत्यापन कर एएनएम,आशा और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से लाभार्थियों को समय पर सूचित किया जाए,ताकि उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि परिवहन सुविधा के अभाव में कोई भी पात्र महिला जांच से वंचित न रहे। उन्होंने सभी जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को जिला और ब्लॉक स्तर पर दैनिक समीक्षा करने,अभियान की नियमित निगरानी रखने तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

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