यूआईआईडीबी के नाम पर 18 हेक्टेयर भूमि, सात हजार बीघा का दावा गलत : महेंद्र भट्ट

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यूआईआईडीबी के नाम पर 18 हेक्टेयर भूमि, सात हजार बीघा का दावा गलत : महेंद्र भट्ट


देहरादून, 12 सितंबर (हि.स.)। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने यूआईआईडीबी को लेकर कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बोर्ड के नाम पर वर्तमान में केवल 18 हेक्टेयर भूमि है। ऐसे में राज्य की सात हजार बीघा से अधिक भूमि निजी कंपनियों को देने का कांग्रेस का दावा गलत और भ्रामक है।

महेंद्र भट्ट ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि यूआईआईडीबी का गठन राज्य में रोजगार और राजस्व बढ़ाने तथा उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग के उद्देश्य से किया गया है। बोर्ड राज्य की जीडीपी को दोगुना करने के लक्ष्य के साथ पर्यटन, शिक्षा, कृषि और उद्यान समेत विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि अनुपयोगी सरकारी भूमि का नियमों के तहत आर्थिक गतिविधियों के लिए उपयोग किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जमीन बेची नहीं जा रही है। राज्य सरकार का भूमि पर मालिकाना हक बरकरार रहेगा और निर्धारित नियमों तथा पर्यावरणीय मानकों के तहत लीज मॉडल से निवेश आकर्षित किया जा रहा है। इससे पर्यटन, वेलनेस, शिक्षा, स्वास्थ्य और आतिथ्य क्षेत्रों में निवेश के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस पर विकास विरोधी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उद्योग और निवेश के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना सरकारों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि पूर्ववर्ती सरकारों में औद्योगिक निवेश के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराई गई होती तो सेलाकुई, रोशनाबाद और रुद्रपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्र विकसित नहीं होते।

भट्ट ने कांग्रेस से उसके शासनकाल में जमीन आवंटन से जुड़े मामलों पर भी जवाब मांगते हुए आईटी पार्क देहरादून, सिडकुल के माध्यम से भूमि आवंटन और लैंड यूज परिवर्तन का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता अब जिन मामलों पर सवाल उठा रहे हैं, उनमें से कुछ फैसले उसके शासनकाल में हुए थे।

उन्होंने छरबा में प्रस्तावित एजुकेशन सिटी का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां उच्च शिक्षा के क्षेत्र में करीब एक हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। इससे तीन हजार से अधिक छात्रों को उच्च शिक्षा का अवसर मिलने के साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत यूपीईएस जैसी संस्था का चयन किया गया है।

भट्ट ने कहा कि यूआईआईडीबी के माध्यम से अनुपयोगी सरकारी भूमि का सुनियोजित इस्तेमाल कर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक दुष्प्रचार करार देते हुए कहा कि जनता विकास और निवेश को लेकर सरकार की नीतियों को समझ रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

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