सवर्ण समाज ने छह सितंबर के सम्मेलन की बनाई रणनीति
हरिद्वार, 30 अगस्त (हि.स.)। बिल्केश्वर महादेव मंदिर में सवर्ण समाज ने रविवार को यूजीसी रोल बैक की मांग को लेकर बैठक की और इसमें 6 सितंबर को बहादराबाद में होने वाले विशाल सम्मेलन को लेकर रणनीति तय की गई।
सभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य परिषद अध्यक्ष स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि यह किसी पार्टी का आंदोलन नहीं, बल्कि हक और समानता की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को राजनीतिक रंग न दिया जाए। यह हमारे हक, हमारे भविष्य और देश के भविष्य के लिए है।
स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी देश जाति की जंजीरों में जकड़ा है। यदि देश को मजबूत बनाना है तो जातिवाद की दीवारों को कमजोर करना होगा। उन्होंने कहा कि संविधान में आरक्षण की एक निश्चित अवधि की कल्पना की गई थी, लेकिन दशकों बाद भी इस पर गंभीर चर्चा नहीं हुई।
उन्होंने डॉ. अंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि अब विचार होना चाहिए कि आरक्षण का आधार जाति के बजाय आर्थिक कमजोरी और वास्तविक आवश्यकता हो। गरीब चाहे किसी भी जाति का हो, उसे अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज किसी का हक छीनने नहीं, बल्कि समान अवसर और न्यायपूर्ण व्यवस्था की मांग कर रहा है। अपनी बात शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से रखनी होगी।
उन्होंने 6 सितंबर को बहादराबाद सम्मेलन में भारी संख्या में पहुंचकर एकजुटता दिखाने का आह्वान किया। सभा में हर-हर महादेव के जयघोष के साथ लोगों ने एकजुट रहने का संकल्प लिया।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

