बारह वर्षों में उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को मिली नई गति, सड़क, रेल और हवाई सेवाओं का हुआ व्यापक विस्तार

WhatsApp Channel Join Now
बारह वर्षों में उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को मिली नई गति, सड़क, रेल और हवाई सेवाओं का हुआ व्यापक विस्तार


देहरादून, 09 जून (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल में उत्तराखंड में सड़क, रेल और हवाई संपर्क के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। राज्य सरकार का दावा है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में इन परियोजनाओं को और अधिक गति मिली है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यकाल उत्तराखंड के विकास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में राज्य के सभी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी मजबूत हुई है और सरकार प्रदेश के दूरस्थ इलाकों तक बेहतर यातायात सुविधाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही

चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2016 में शुरू की गई चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक हुआ है।

वहीं, दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण से राजधानी दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आई है। लगभग 11,963 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 210 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के माध्यम से दोनों शहरों के बीच सफर करीब ढाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इसके अलावा सितारगंज-टनकपुर, पांवटा साहिब-देहरादून, भानियावाला-ऋषिकेश, काठगोदाम-लालकुआं-हल्द्वानी और रुद्रपुर बाईपास जैसी महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं पर भी कार्य प्रगति पर है।

केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना (उड़ान) के तहत राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक हवाई सेवाओं का विस्तार किया गया है। जॉलीग्रांट, पंतनगर और पिथौरागढ़ हवाई अड्डों का विस्तार किया जा चुका है। प्रदेश में विकसित किए जा रहे 18 हेलीपोर्टों में से 12 पर सेवाएं शुरू हो चुकी हैं।

देहरादून से अहमदाबाद, भुवनेश्वर, बेंगलुरु, मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, पुणे और कुल्लू सहित कई शहरों के लिए नियमित उड़ान सेवाएं संचालित हो रही हैं। राज्य सरकार की मुख्यमंत्री उड़न खटोला योजना के तहत पर्वतीय जिलों के लिए देहरादून और हल्द्वानी से हेलीकॉप्टर सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

राज्य की महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का 72 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। 125 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन भविष्य में गढ़वाल क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगी। इसके अलावा टनकपुर-बागेश्वर और डोईवाला से गंगोत्री-यमुनोत्री तक प्रस्तावित रेल लाइनों के सर्वे को भी केंद्र सरकार की मंजूरी मिल चुकी है।

साथ ही, अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत प्रदेश के 11 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।

------------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

Share this story