साक्ष्य के अभाव में राज्य आंदोलनकारी चिन्हीकरण के 11 मामलों पर फैसला टला

WhatsApp Channel Join Now
साक्ष्य के अभाव में राज्य आंदोलनकारी चिन्हीकरण के 11 मामलों पर फैसला टला


नई टिहरी, 05 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी चिन्हीकरण समिति की बैठक में बुधवार को प्रस्तुत 11 प्रकरणों पर पर्याप्त साक्ष्य और अभिलेख उपलब्ध नहीं होने के कारण कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका। समिति ने सभी मामलों को जिलाधिकारी की उपस्थिति में आयोजित होने वाली अगली बैठक में पुनः प्रस्तुत करने का निर्णय लिया।

अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) शैलेंद्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में जिला सभागार में आयोजित बैठक में विभिन्न आवेदनों पर विचार-विमर्श किया गया। एडीएम ने बताया कि शासन की ओर से राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की अवधि 24 सितंबर तक बढ़ा दी गई है, जिससे पात्र व्यक्तियों के मामलों का नियमानुसार परीक्षण किया जा सके। बैठक में चंबा निवासी दर्शन लाल कुकरेती,कीर्तिनगर के सुंदरमणि,टिहरी के विक्रम सिंह बिष्ट, विद्या नेगी, मनोहर सिंह चौहान,दिनेश सिंह राणा और भूपेंद्र सिंह तोपवाल,धनोल्टी के जगत सिंह एवं वीरेंद्र सिंह चौहान और भिलंगना के तेजराम सेमवाल और धनपाल सहित कुल 11 प्रकरणों पर चर्चा की गई। समीक्षा के दौरान अधिकांश मामलों में आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य पर्याप्त नहीं पाए गए।

समिति ने निर्णय लिया कि सभी मामलों को आवश्यक अभिलेखों और साक्ष्यों के साथ जिलाधिकारी की उपस्थिति में होने वाली अगली बैठक में दोबारा रखा जाएगा, ताकि शासनादेशों के अनुरूप उचित निर्णय लिया जा सके। बैठक में समिति के सदस्यों ने भी सभी प्रकरणों का निस्तारण शासन के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार किए जाने पर जोर दिया। बैठक में एसडीएम कमलेश मेहता,समिति के सदस्य डॉ.राकेश भूषण गोदियाल,दिनेश डोभाल, महिपाल रावत, लोकेंद्र दत्त जोशी,पुरुषोत्तम बिष्ट,विद्या नेगी, सीता देवी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

Share this story