वन भूमि हस्तांतरण में सुस्ती पर डीएम सख्त, लोनिवि के अधीक्षण अभियंता का वेतन रोकने के निर्देश

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वन भूमि हस्तांतरण में सुस्ती पर डीएम सख्त, लोनिवि के अधीक्षण अभियंता का वेतन रोकने के निर्देश


पौड़ी गढ़वाल, 07 अगस्त (हि.स.)। वन भूमि हस्तांतरण के लंबित मामलों में लापरवाही अब अधिकारियों पर भारी पड़ेगी। विकास परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों के निस्तारण में देरी और विभागीय स्तर पर प्रभावी पैरवी नहीं होने पर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कड़ा रुख अपनाया है। समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने और प्रकरणों से संबंधित सूचनाओं का समुचित संकलन प्रस्तुत नहीं करने पर लोनिवि के अधीक्षण अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ अग्रिम आदेशों तक वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।

जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में गुरुवार को आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े जिला, राज्य और केंद्र स्तर पर लंबित सभी प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हर स्तर पर प्रभावी पैरवी के साथ नियमित फॉलोअप किया जाए और लंबित मामलों को समयबद्ध तरीके से निस्तारित कराया जाए।

डीएम ने कहा कि वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया कई चरणों से होकर गुजरती है। ऐसे में प्रस्ताव तैयार करने में किसी तरह की कमी, अधूरे अभिलेख या तकनीकी खामी विकास कार्यों में अनावश्यक देरी का कारण बन सकती है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि प्रस्ताव पूरी तैयारी और आवश्यक दस्तावेजों के साथ भेजे जाएं, ताकि परिवेश पोर्टल समेत अन्य स्तरों पर आपत्तियां कम से कम आएं।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिन प्रस्तावों पर आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, उनका अनुपालन प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। वहीं जिन मामलों को सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है, उनमें बिना अनावश्यक देरी के कार्य शुरू किए जाएं। जिला स्तर से ऊपर अथवा केंद्र सरकार के स्तर पर लंबित मामलों की नियमित निगरानी कर प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, लोनिवि अधिशासी अभियंता विवेक सेमवाल, वन विभाग की एसडीओ राखी जुयाल, पीएमजीएसवाई, पेयजल निगम, वन विभाग, लोनिवि के अधिकारियों के साथ सभी उपजिलाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह

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