श्रीरामलीला मंच पर पत्थरबाजी, कलाकारों और दर्शकों में मची अफरा-तफरी
हरिद्वार, 10 अक्टूबर (हि.स.)। बहादराबाद में आयोजित 128वें श्रीरामलीला वार्षिकोत्सव के दौरान पत्थरबाजी और हुड़दंग की घटना से हड़कंप मच गया। आरोप है कि 9 अक्टूबर की रात कुछ लोग रामलीला मंच की ओर पत्थर फेंकने लगे, जिससे कलाकारों और दर्शकों में अफरा-तफरी फैल गई। घटना के बाद श्रीरामलीला कमेटी, बहादराबाद ने पुलिस प्रशासन से उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने और आगामी आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
समिति अध्यक्ष रविंद्र चौहान के अनुसार, रात करीब 11 बजे रामलीला मंचन के दौरान कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने शोर-शराबा शुरू कर दिया। समिति सदस्यों ने उन्हें समझाकर वहां से भेज दिया, लेकिन आरोप है कि कुछ देर बाद वे 25-30 अन्य लोगों के साथ वापस लौट आए। इसके बाद गाली-गलौज करते हुए रामलीला बंद कराने की धमकी दी गई और मंच की ओर पत्थर फेंके गए।
समिति अध्यक्ष ने बताया कि पत्थरबाजी के दौरान मंच पर मौजूद कलाकारों और मैदान में बैठे दर्शकों, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, को चोटें आईं। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उपद्रवियों को पकड़ने का प्रयास किया और घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की। हालांकि, समिति के अनुसार, मौके पर पुलिस बल की संख्या कम होने के कारण स्थिति को तत्काल नियंत्रित करने में कठिनाई हुई। हंगामे के चलते रामलीला मंचन कुछ समय के लिए रोकना पड़ा।
रविंद्र चौहान ने कहा कि श्रीरामलीला क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। ऐसे कार्यक्रम में पत्थरबाजी और हुड़दंग की घटना गंभीर चिंता का विषय है। आगामी दिनों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जरूरी हैं। श्रीरामलीला कमेटी ने पुलिस प्रशासन से घटना में शामिल लोगों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। समिति ने विशेष रूप से 12 अक्टूबर को निकलने वाली श्रीराम बारात तथा 19 और 20 अक्टूबर को दशहरा पर्व के दौरान पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने का अनुरोध किया है।
समिति ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, हरिद्वार से मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

