प्रधानाचार्य पद पर नियुक्ति को लेकर मुखर हुआ बेरोजगार संघ, आंदोलन की चेतावनी

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प्रधानाचार्य पद पर नियुक्ति को लेकर मुखर हुआ बेरोजगार संघ, आंदोलन की चेतावनी


पौड़ी गढ़वाल, 07 जुलाई (हि.स.)। विकास खंड एकेश्वर के जनता इंटर कालेज इंदिरापुरी में प्रधानाचार्य पर पर नियुक्ति विवाद में उत्तराखंड बेरोजगार संघ मुखर हो गया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम कंडवाल ने प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रभारी सीईओ पौड़ी अंशुल बिष्ट से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि नियुक्त प्रधानाचार्य के एमएससी की डिग्री व बीएड डिग्री की वैधता व अनुभव प्रकरण पत्र सवालों के घेरे में हैं। आरटीआई में संबंधित विवि उक्त डिग्री को फर्जी बता चुका है। कहा कि शिक्षा विभाग जांच में हीलाहवाली कर रहा है। विद्यालय के प्रबंधक भी सवाल उठा रहे हैं। कंडवाल ने कहा कि प्रकरण की एसआईटी जांच के लिए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा जाएगा। इसके बावजूद भी कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

मंगलवार को उत्तराखंड बेरोजगार संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम कंडवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रभारी सीईओ पौड़ी अंशुल बिष्ट से मुलाकात की। इस मौके पर कंडवाल ने बताया कि जनपद के विकास खंड एकेश्वर में जनता इंटर कालेज इंदिरापुरी स्थित है। जहां बीते 1 अप्रैल 2026 को प्रधानाचार्य के पद पर नियुक्ति हुई थी। जिसमें गंभीर अनियमितताएं हैं। बताया कि यहां प्रधानाचार्य के पद पर नियुक्ति प्रक्रिया में तीन अभ्यर्थी शामिल हुए। जिनमें दो उत्तराखंड और एक बाहरी राज्य का अभ्यर्थी था। चयन प्रक्रिया में बाहरी राज्य के अभ्यर्थी को नियुक्ति प्रदान की गई। कहा कि फर्जी व संदिग्ध शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर बाहरी राज्य के अभ्यर्थी को प्रधानाचार्य के पद पर नियुक्ति दी गई है।

कंडवाल ने आरोप लगाया कि नियुक्त प्रधानाचार्य ने एमएससी वर्ष 2017 में सिक्किम इंटरनेशनल विवि से उत्तीर्ण बताया है जबकि विवि की स्थापना 2021 में हुई है। बीएड की डिग्री व अनुभव प्रमाण पत्र भी संदिग्ध हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित विवि से आरटीआई में मांगी गई। जिसमें विवि प्रशासन ने उक्त डिग्रियों को फर्जी बताया है। कहा कि प्रकरण में शिक्षा विभाग जांच को लेकर लगातार हीलाहवाली बरत रहा है। लंबा समय बीते जाने के बावजूद भी प्रकरण में कोई कार्रवाई नहीं की गई। कहा कि सूचना यहां तक है कि नियुक्त प्रधानाचार्य किसी अन्य विवि की डिग्रियां लेकर आ गया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम कंडवाल ने बताया कि प्रकरण में सीईओ पौड़ी व प्रशासनिक अधिकारी की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है।

कहा कि शिक्षा विभाग पौड़ी से जब सूचना के अधिकार अधिनियम में उक्त नियुक्त प्रधानाचार्य के शैक्षणिक दस्तावेज मांगे गए, तो बिना प्रमाणित सूचना विभाग के द्वारा दी गई है। इस अवसर पर संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता नमन चंदोला, राकेश गौरसाली, आरटीआई कार्यकर्ता मातंग मलासी आदि मौजूद रहे। वहीं प्रभारी सीईओ पौड़ी अंशुल बिष्ट ने बताया कि प्रकरण की जांच गतिमान है। आगामी 10 जुलाई को प्रकरण से संबंधित प्रधानाचार्य को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। बताया कि बेरोजगार संघ के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के दौरान मामले में अब तक की प्रगति को लेकर विस्तार से जानकारी दे दी गई है। जांच पूरी होने के बाद प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई की संस्तुति जल्द ही अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा गढ़वाल मंडल को भेज दी जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह

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