राज्य मिलेट्स मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन व खरीफ क्रय 2026 में तेजी लाने की रणनीति तैयार

WhatsApp Channel Join Now
राज्य मिलेट्स मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन व खरीफ क्रय 2026 में तेजी लाने की रणनीति तैयार


राज्य मिलेट्स मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन व खरीफ क्रय 2026 में तेजी लाने की रणनीति तैयार


देहरादून, 29 अक्टूबर (हि.स.)। राज्य मिलेट्स मिशन के सफल क्रियान्वय और खरीफ क्रय 2026 के अंतर्गत मंडुवा एवं अन्य पौष्टिक फसलों की क्रय प्रगति बढ़ाने के उद्देश्य से गुरूवार काे उत्तराखण्ड राज्य सहकारी संघ लिमिटेड के प्रबंध निदेशक आनंद शुक्ला, अन्य उच्च अधिकारी सुशील तिवारी एवं मुख्य कृषि अधिकारी रुद्रप्रयाग के मध्य चर्चा हुई।

इस दौरान जनपद के किसानों को अपनी उपज के विक्रय में आ रही व्यावहारिक समस्याओं पर विचार-विमर्श करते हुए क्रय प्रक्रिया को सरल एवं सुविधाजनक बनाने के लिए रणनीति तैयार की गई। बैठक में अवगत कराया गया कि खरीफ क्रय 2026 के अंतर्गत सहकारिता विभाग द्वारा पीएसीएस के माध्यम से विभिन्न फसलों का क्रय निर्धारित दरों पर किया जाएगा। निर्धारित क्रय दरें निम्नवत हैं:

- मंडुवा : 52.05 प्रति किलोग्राम

- झंगोरा : 35 प्रति किलोग्राम

- सोयाबीन : 45 प्रति किलोग्राम

- रामदाना : 55 प्रति किलोग्राम

इन निर्धारित दरों पर फसलों का क्रय होने से किसानों को अपनी उपज के लिए बाजार उपलब्ध कराने तथा उनकी आय बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

चर्चा के दौरान मुख्य कृषि अधिकारी, रुद्रप्रयाग द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान में पीएसीएस द्वारा समूह के नाम से मंडुवा क्रय नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण व्यक्तिगत किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए कार्यालय तक जाना पड़ता है। जनपद के अनेक किसान अपनी दैनिक कृषि गतिविधियों एवं अन्य कार्यों में व्यस्त रहते हैं। ऐसी स्थिति में मंडुवा विक्रय के लिए अलग से समय निकालना उनके लिए कठिन हो जाता है।

विशेष रूप से सीमांत किसानों के पास कई बार केवल 40–50 किलोग्राम मंडुवा ही विक्रय हेतु उपलब्ध होता है। इतनी कम मात्रा में मंडुवा बेचने के लिए 20–30 किलोमीटर की दूरी तय कर आने-जाने में किसानों का समय, श्रम एवं धन व्यय होता है। इससे किसानों को असुविधा होने के साथ-साथ क्रय की प्रगति भी प्रभावित होने की संभावना रहती है।

मुख्य कृषि अधिकारी द्वारा सुझाव दिया गया कि विगत वर्ष की भांति यदि स्वयं सहायता समूहों एवं अन्य पात्र किसान समूहों के माध्यम से मंडुवा क्रय की व्यवस्था की जाती है, तो किसानों को अपनी उपज विक्रय करने में सुविधा होगी तथा क्रय की प्रगति में भी तेजी लाई जा सकेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

768699 Articles

Share this story