हरिद्वार में धूमधाम से मनेगा उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस
हरिद्वार, 05 नवंबर (हि.स.)। उत्तराखंड राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ जनपद हरिद्वार में हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाई जाएगी। इस अवसर पर ऋषिकुल ऑडिटोरियम में मुख्य समारोह आयोजित होगा, जबकि जनपद के सभी विकासखंडों में भी सांस्कृतिक एवं विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक हुई।
उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस प्रदेश की गौरवशाली विकास यात्रा, उपलब्धियों और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। मुख्य समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भी सम्मानित किया जाएगा।
शिक्षा विभाग को विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत की थीम पर विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, मुख्य समारोह स्थल पर विभिन्न विभागों की ओर से जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों से संबंधित स्टॉल लगाए जाएंगे। इनके माध्यम से आमजन को योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही पात्र व्यक्तियों को चिह्नित कर योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
सीडीओ ने नगर निगम, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई कर उन्हें आकर्षक ढंग से सजाने को कहा। जनपद के सभी शासकीय कार्यालयों, सरकारी भवनों और प्रमुख चौराहों को एलईडी विद्युत लाइटों से रोशन किया जाएगा।
बैठक में जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार पंत, जिला प्रोबेशन अधिकारी अविनाश भदौरिया, महाप्रबंधक उद्योग उत्तम कुमार तिवारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नलिनी ध्यानी, मुख्य कृषि अधिकारी गोपाल भंडारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सतीश जोशी, मुख्य उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, मुख्य जिला क्रीड़ा अधिकारी रविंद्र सिंह, जिला युवा कल्याण अधिकारी प्रमोद चंद्र पांडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। खंड विकास अधिकारी सहित कई अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

