सोलह संस्कारों का महत्व जान भारतीय संस्कृति की वैज्ञानिकता से परिचित हुए विद्यार्थी

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सोलह संस्कारों का महत्व जान भारतीय संस्कृति की वैज्ञानिकता से परिचित हुए विद्यार्थी


सोलह संस्कारों का महत्व जान भारतीय संस्कृति की वैज्ञानिकता से परिचित हुए विद्यार्थी


हरिद्वार, 10 अक्टूबर (हि.स.)। भारत विकास परिषद की मायापुरी शाखा की ओर से भारतीय ज्ञान परंपरा कार्यक्रम के अंतर्गत अचीवर्स होम विद्यालय में सोलह संस्कारों पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों को गर्भाधान से लेकर अंत्येष्टि तक के सोलह संस्कारों की जानकारी देने के साथ उनके पीछे छिपे वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व से भी परिचित कराया गया।

कार्यशाला में गुरुकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं शाखा के संस्कार संयोजक डॉ. कपिल पांडे ने विद्यार्थियों को सोलह संस्कारों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने संस्कारों के महत्व और उनसे जुड़े वैज्ञानिक पहलुओं को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया।

परिषद के प्रांतीय सचिव (प्रचार-प्रसार) कुशल पाल सिंह चौहान एडवोकेट ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर भारतीय जीवन दर्शन, नैतिक मूल्यों और अनुशासित जीवनशैली से जोड़ना है।

मायापुरी शाखा अध्यक्ष कैप्टन (सेनि.) विपिन जोशी ने अनुशासन और संस्कारों के समन्वय को जीवन में सफलता की कुंजी बताया। वहीं, संगठन सचिव राजेंद्र सिंह राणा ने सामाजिक ताने-बाने को मजबूत बनाने में संस्कारों की भूमिका रेखांकित की। शाखा के पर्यावरण संयोजक मनु गुप्ता ने प्रकृति संरक्षण और संस्कारों के बीच संबंध पर प्रकाश डाला।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. श्यामल सरकार ने कहा कि आधुनिकता के दौर में युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से दूर होती जा रही है। ऐसे में सनातन धरोहर और प्राचीन सोलह संस्कारों के आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक महत्व से विद्यार्थियों को परिचित कराना बेहद महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम में विद्यालय के निदेशक नितिन अहलूवालिया, समन्वयक लोकेश सहित शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यशाला के अंत में विद्यार्थियों ने सोलह संस्कारों से प्राप्त मूल्यों को अपने व्यावहारिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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