उत्तराखंड में एसआईआर के तहत 92 प्रतिशत से अधिक फार्म डिजिटाइजेशन पूरा,'अन कलेक्टेबल' मतदाताओं का होगा दोबारा सत्यापन
देहरादून, 29 जून (हि.स.)। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता गणना फार्मों का डिजिटाइजेशन 92 प्रतिशत से अधिक पूरा हो गया है। जिन मतदाताओं को 'अन कलेक्टेबल' श्रेणी में मार्क किया गया है उनको एक और बार सत्यापन किया जाए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सोमवार को सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए शेष कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि जिन मतदाताओं को अन कलेक्टेबल श्रेणी में चिह्नित किया गया है, उनका एक बार फिर सत्यापन कराया जाए, ताकि कोई पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन जिलों में डिजिटाइजेशन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, वे मतदान केंद्रों के पुनर्गठन की तैयारियां भी शुरू करें।
डॉ. पुरुषोत्तम ने जिलाधिकारी एवं निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को निर्देशित किया कि वे एएसडी सूची की बूथवार स्वयं समीक्षा करें और सभी मामलों का सावधानीपूर्वक परीक्षण सुनिश्चित करें।
बैठक में बताया गया कि राज्य में 99 प्रतिशत से अधिक गणना फार्मों का वितरण किया जा चुका है, जबकि डिजिटाइजेशन का कार्य 92 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। अल्मोड़ा और चम्पावत जिलों में गणना फार्मों का डिजिटाइजेशन शत-प्रतिशत पूरा हो गया है।
इसके अलावा बागेश्वर और पिथौरागढ़ में 97 प्रतिशत, टिहरी गढ़वाल में 96 प्रतिशत, उत्तरकाशी में 95 प्रतिशत, चमोली और पौड़ी गढ़वाल में 94 प्रतिशत, रुद्रप्रयाग में 93 प्रतिशत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में 91 प्रतिशत और देहरादून और हरिद्वार में 88 प्रतिशत डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा हो चुका है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अभियान की अब तक की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए सभी जिलों की टीमों को बधाई दी और शेष कार्य निर्धारित समय में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का,उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी,सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी और ईआरओ उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

